दिल्ली में हुई अहम मुलाकात
झीरम घाटी मामले को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और पीड़ित परिवारों के प्रतिनिधियों ने दिल्ली पहुंचकर राहुल गांधी से मुलाकात की। लगभग 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बैठक के दौरान NIA की जांच, हाल ही में आए अदालत के फैसले और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की। गौरतलब है कि NIA की विशेष अदालत ने 16 सितंबर को इस मामले में 10 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी।
भूपेश बघेल का बयान- न्याय अधूरा
मुलाकात के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि राहुल गांधी के साथ करीब एक घंटे तक बातचीत हुई, जिसमें झीरम मामले की जांच और अदालत के फैसले से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को यह महसूस हो रहा है कि अदालत के फैसले से उन्हें उतना न्याय नहीं मिला जितनी उन्हें उम्मीद थी। अब आगे की कानूनी लड़ाई को लेकर विकल्पों पर विचार किया जा रहा है और AICC के वरिष्ठ वकीलों से सलाह लेने के बाद आगे की रणनीति सामूहिक रूप से तय की जाएगी।
दिल्ली में कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक भी हुई
इसी दौरान दिल्ली में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं की एक अलग संगठनात्मक बैठक भी संपन्न हुई। प्रदेश प्रभारी और सांसद सुखदेव भगत से PCC अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और भूपेश बघेल ने मुलाकात की। इस बैठक में पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव सहित पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए, जिसमें संगठनात्मक विषयों और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा हुई।
भाजपा विधायक ने कांग्रेस पर बोला हमला
वहीं भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने झीरम घटना को दुखद बताते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में इस मामले की जांच को लेकर लापरवाही बरती गई, जबकि मौजूदा सरकार ने दोषियों को सजा दिलाने का काम पूरा किया। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर लगातार आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति करने का इल्जाम भी लगाया और कहा कि बस्तर की मौजूदा स्थिति अब पर्यटन के लिहाज से बेहतर हो चुकी है।






