अम्बिकापुर (सरगुजा, छत्तीसगढ़): जन अधिकार परिषद, छत्तीसगढ़ द्वारा होली क्रॉस वुमेन्स कॉलेज, अम्बिकापुर की प्राचार्य को एक ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन कॉलेज के वरिष्ठ प्राध्यापक अकील अहमद अंसारी के सामाजिक क्रियाकलापों, सामाजिक न्याय एवं जनहितकारी गतिविधियों के समर्थन में दिया गया है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जन अधिकार परिषद के संयोजक त्रिभुवन सिंह, रणविजय सिंह तोमर, दीपक नौटियाल, अजय गुप्ता, धीरेंद्र दुबे समेत कई वरिष्ठ नागरिक मुख्य रूप से उपस्थित थे।
ज्ञापन के प्रमुख बिंदु:
संवैधानिक अधिकारों का उल्लेख:
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि प्राध्यापक अकील अहमद अंसारी अपना शैक्षणिक दायित्व निभाने के पश्चात एक जागरूक नागरिक के रूप में सोशल मीडिया और नागरिक अभियानों के जरिए अन्याय, अत्याचार, शोषण, महिला उत्पीड़न और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर लगातार आवाज उठाते हैं। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19(1)(क) नागरिकों को अपने विचार व्यक्त करने और न्याय की मांग करने का मौलिक अधिकार प्रदान करता है।

पीड़ितों को न्याय दिलाने की पहल:
परिषद के प्रतिनिधियों ने बताया कि अकील अहमद अंसारी ने अम्बिकापुर स्थित अनुपम वस्त्रालय में एक गरीब आदिवासी महिला के उत्पीड़न के मामले के साथ-साथ ग्राम भफौली, भिट्ठी, राजपुर, शंकरगढ़ और सलका के विभिन्न आपराधिक प्रकरणों में पीड़ितों को न्याय दिलाने हेतु सोशल मीडिया के माध्यम से तथ्यात्मक जानकारी साझा की है।

UGC 2018 मार्गदर्शिका का संदर्भ:
ज्ञापन में यूजीसी (UGC) 2018 के दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए बताया गया कि एक शिक्षक से समाज के प्रति सजग रहने, सामाजिक उत्थान और सामुदायिक गतिविधियों में भाग लेने की अपेक्षा की जाती है।
महाविद्यालय प्रशासन से अपील:
जन अधिकार परिषद ने कॉलेज प्रबंधन से अपील की है कि अकील अहमद अंसारी के विरुद्ध किए जा रहे व्यक्तिगत विरोधों या शिकायतों पर निष्पक्षता से विचार किया जाए और कॉलेज के ऐसे अनुभवी व विधि-सम्मत कार्य करने वाले प्राध्यापक के प्रयासों की सराहना की जाए।
विभिन्न उच्च अधिकारियों को भी भेजी गई प्रतिलिपि:
मामले की गंभीरता को देखते हुए इस ज्ञापन की प्रतिलिपि (Copy) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC, नई दिल्ली), केंद्रीय क्षेत्रीय कार्यालय (भोपाल), उच्च शिक्षा विभाग (मंत्रालय, रायपुर), कुलपति (संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, अम्बिकापुर), आयुक्त (सरगुजा संभाग) एवं कलेक्टर (सरगुजा) को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है।






