चक्रवात के प्रभाव से बिगड़ सकता है मौसम; कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश, निचले इलाकों में राहत-बचाव की तैयारी
रायगढ़, 25 अक्टूबर। चक्रवात के प्रभाव से रायगढ़ जिले में 27 से 29 अक्टूबर तक भारी से अति भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। संभावित स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोगों की सुरक्षा और संभावित जनहानि को रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
24 घंटे सक्रिय रहेंगे जिला और तहसील कंट्रोल रूम
संभावित प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए जिला और तहसील स्तर पर आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को अलर्ट रहने और परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। प्रशासन ने बिना अनुमति किसी भी अधिकारी को मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
निचले इलाकों में निगरानी, राहत शिविर तैयार रखने के निर्देश
भारी बारिश के दौरान जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति की आशंका को देखते हुए नगर निगम, पंचायत एवं राजस्व विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने के लिए कहा गया है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। राहत शिविरों को तैयार रखने के साथ बचाव दलों को नाव, लाइफ जैकेट और अन्य आवश्यक उपकरणों के साथ मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बांधों और जलाशयों के जलस्तर पर रहेगी नजर
जल संसाधन विभाग को बांधों और जलाशयों के जलस्तर की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि परिस्थितियों के अनुसार जलाशयों से पानी छोड़ने की जरूरत पड़ती है, तो निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय रहते इसकी सूचना देने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे संभावित खतरे के प्रति लोगों को सतर्क करने और समय पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं को भी अलर्ट रहने के निर्देश
संभावित बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए बिजली विभाग को अतिरिक्त टीमें तैयार रखने और आपूर्ति जल्द बहाल करने की व्यवस्था करने को कहा गया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों में पर्याप्त दवाइयां, एम्बुलेंस और मेडिकल टीम उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल उपचार मिल सके।
नदी-नालों और रपटों पर जाने से बचें
प्रशासन ने लोगों से भारी बारिश के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। नदी-नालों, रपटों और जलभराव वाले रास्तों पर पानी होने की स्थिति में आवागमन से बचने की सलाह दी गई है। ऐसे स्थानों पर आवाजाही रोकने के लिए पुलिस और राजस्व विभाग को आपसी समन्वय से कार्रवाई करने को कहा गया है। आकाशीय बिजली से बचाव के प्रति भी लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी गई है। प्रशासन का जोर है कि संभावित भारी बारिश से पहले जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए जाएं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।











