ऑल इंडिया ओपन फिडे रेटेड क्लासिकल शतरंज टूर्नामेंट में देशभर के 250 से अधिक खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा, विजेता को मिला 61 हजार रुपये का पुरस्कार
अंबिकापुर। सुसीमा वेल्फेयर फाउंडेशन द्वारा अंबिकापुर में आयोजित चार दिवसीय सुसीमा ट्रॉफी ऑल इंडिया ओपन फिडे रेटेड क्लासिकल चेस टूर्नामेंट 2026 का शानदार समापन हुआ। आठ चक्रों तक चले इस राष्ट्रीय स्तर के शतरंज मुकाबले में देशभर से पहुंचे 250 से अधिक खिलाड़ियों ने अपनी रणनीतिक क्षमता और खेल कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में चंडीगढ़ के इंटरनेशनल मास्टर हिमाल गुसैन ने 7.5 अंक हासिल कर चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया। उन्हें 61 हजार रुपये नकद और विजेता ट्रॉफी प्रदान की गई।
निर्णायक मुकाबले में हिमाल गुसैन ने दर्ज की जीत
प्रतियोगिता के अंतिम चक्र में पहले बोर्ड पर चंडीगढ़ के इंटरनेशनल मास्टर हिमाल गुसैन (रेटिंग 2411) का मुकाबला मध्य प्रदेश के मजबूत खिलाड़ी वैभव नेमा से हुआ। कड़े संघर्ष वाले इस मुकाबले में हिमाल गुसैन ने जीत दर्ज करते हुए कुल 7.5 अंक हासिल किए और खिताब अपने नाम कर लिया।
दूसरे बोर्ड पर पश्चिम बंगाल के कौस्तुभ कुंडु और छत्तीसगढ़ के यशद बाम्बेश्वर के बीच मुकाबला ड्रॉ रहा। कौस्तुभ कुंडु सात अंकों के साथ उपविजेता बने। उन्हें 41 हजार रुपये नकद और उपविजेता ट्रॉफी प्रदान की गई।
वहीं, महाराष्ट्र के श्रेयश घादी ने छत्तीसगढ़ के विनोद शर्मा को हराकर तीसरा स्थान हासिल किया। उन्हें 27 हजार रुपये की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया।
शीर्ष आठ खिलाड़ियों ने हासिल किए स्थान
प्रतियोगिता में शीर्ष आठ स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार प्रदान किए गए।
- प्रथम: हिमाल गुसैन (चंडीगढ़) — 7.5 अंक, ₹61,000
- द्वितीय: कौस्तुभ कुंडु (पश्चिम बंगाल) — 7 अंक, ₹41,000
- तृतीय: श्रेयश घादी (महाराष्ट्र) — ₹27,000
- चतुर्थ: यशद बाम्बेश्वर (छत्तीसगढ़) — 6.5 अंक, ₹21,000
- पंचम: तनिष्क कुमार (झारखंड) — 6.5 अंक, ₹15,000
- षष्ठम: गगन साहू (छत्तीसगढ़) — 6.5 अंक, ₹13,000
- सप्तम: सप्तऋषि तालुकदार (पश्चिम बंगाल) — 6.5 अंक, ₹11,000
- अष्टम: कैडिडेट मास्टर विनोद कुमार शर्मा (छत्तीसगढ़) — 6.5 अंक, ₹9,100
युवा खिलाड़ियों और स्थानीय प्रतिभाओं का भी सम्मान
प्रतियोगिता में मुख्य वर्ग के अलावा विभिन्न आयु और रेटिंग श्रेणियों में भी खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई।
1650 से कम रेटिंग वर्ग में मध्य प्रदेश के यशवर्धन सिंह चौहान ने पहला, छत्तीसगढ़ के साहिल सागर ने दूसरा और अंबिकापुर के सात वर्षीय प्रज्वल पांडे ने तीसरा स्थान हासिल किया।
अनरेटेड वर्ग में छत्तीसगढ़ के शुभम कुमार प्रथम और जशपुर के एलन रफेल लकड़ा द्वितीय स्थान पर रहे।
सरगुजा संभाग विशेष श्रेणी में सूरजपुर के अभिषेक राजवाड़े ने पहला स्थान प्राप्त किया। अंबिकापुर के अंशुमान सहाय दूसरे और रोहन गुप्ता तीसरे स्थान पर रहे। सीतापुर के सुशील कुमार चौथे तथा जशपुर के गणेश राम भगत पांचवें स्थान पर रहे।
इसके अतिरिक्त अंडर-15, अंडर-13, अंडर-11, अंडर-9 और अंडर-7 बालक-बालिका वर्गों के साथ बेस्ट फीमेल और बेस्ट वेटरन (60 वर्ष से अधिक) श्रेणियों के विजेताओं को भी ट्रॉफी और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह
प्रतियोगिता के सातवें चक्र के बाद सरगुजा जिले के जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा ने आयोजन स्थल का दौरा किया। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और सरगुजा को राष्ट्रीय स्तर की शतरंज प्रतियोगिता का मंच उपलब्ध कराने के लिए आयोजकों की सराहना की। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे बड़े आयोजन होने की उम्मीद जताई।
महापौर मंजूषा भगत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का दिया भरोसा
पुरस्कार वितरण समारोह की मुख्य अतिथि अंबिकापुर की महापौर मंजूषा भगत रहीं। उन्होंने प्रतियोगिता के आयोजन की सराहना करते हुए सुसीमा ट्रॉफी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए हरसंभव सहयोग करने की घोषणा की।
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में भारती वैष्णव, मंजू जायसवाल और डॉ. मनीषा जायसवाल उपस्थित रहीं। अतिथियों ने विजेता खिलाड़ियों को पदक और ट्रॉफियां प्रदान कर सम्मानित किया।
आयोजकों और निर्णायक मंडल का रहा महत्वपूर्ण योगदान
कार्यक्रम की अध्यक्षता सुसीमा वेल्फेयर फाउंडेशन के अध्यक्ष रमानंद जायसवाल ने की। छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ के संयुक्त सचिव सरोज कुमार वैष्णव, आयोजन समिति के अध्यक्ष बिश्वनाथ मनियन और फाउंडेशन के सचिव विश्वास तिवारी ने भी सभा को संबोधित किया। स्वागत भाषण फाउंडेशन के अध्यक्ष सुजित जायसवाल ने दिया, जबकि कार्यक्रम का संचालन सत्येंद्र प्रजापति ने किया।
प्रतियोगिता को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने में इंटरनेशनल चीफ आर्बिटर विशाल कुमार मिंज, डिप्टी चीफ आर्बिटर प्रदीप मंडल और रॉकी देवांगन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आयोजन की सफलता में दिनेश कुमार सिंह, संतोष बैगा, नवीन जायसवाल, जिला शतरंज संघ के अध्यक्ष आर.के.एस. राणा, एस.एस.पी. वर्मा, शेषरतन जायसवाल, रविशंकर गुप्ता, श्रीराम पांडेय, नीलेश श्रीवास्तव, मालती भगत, सुनीता राजवाड़े, चांदनी अगरिया, अमृता तिर्की सहित पूरी आधिकारिक टीम का सराहनीय योगदान रहा।
चार दिवसीय इस प्रतियोगिता ने अंबिकापुर को राष्ट्रीय शतरंज मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। देशभर के अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा और स्थानीय प्रतिभाओं की भागीदारी ने आयोजन को खास बनाया। विजेताओं के सम्मान और खिलाड़ियों के उत्साह के बीच प्रतियोगिता का समापन हुआ।











