बच्चेदानी में गांठ और अंदरूनी परत में असामान्य वृद्धि से पीड़ित थीं महिलाएं, स्त्री रोग विशेषज्ञों व मेडिकल टीम के समन्वय से मिला उपचार
रायगढ़। मातृ एवं शिशु अस्पताल (एमसीएच) के स्त्री रोग विभाग में तीन महिलाओं की बच्चेदानी निकालने की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। तीनों महिलाएं बच्चेदानी से जुड़ी अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित थीं। जांच और आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने उनके ऑपरेशन किए।
बच्चेदानी में गांठ और असामान्य वृद्धि की थी समस्या
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, ऑपरेशन कराने वाली महिलाओं में बच्चेदानी में गांठ और उसकी अंदरूनी परत में असामान्य वृद्धि जैसी समस्याएं थीं। चिकित्सकों ने जरूरी जांच के बाद सर्जरी का निर्णय लिया। तीनों ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुए।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जिले में मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और जटिल स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए सुविधाएं मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों और मेडिकल टीम के समन्वय से सफल हुए ऑपरेशन
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने कहा कि एमसीएच में एक साथ तीन जटिल ऑपरेशन का सफल होना अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सकीय सेवाओं और टीम के सामूहिक प्रयास को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि बच्चेदानी में गांठ और अन्य असामान्य समस्याओं के कारण महिलाओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे मामलों में समय पर जांच, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यकता के अनुसार सर्जरी महत्वपूर्ण होती है।
सिविल सर्जन डॉ. दिनेश पटेल ने बताया कि सभी ऑपरेशन स्त्री रोग विशेषज्ञों, एनेस्थीसिया टीम, मेडिकल ऑफिसर, ऑपरेशन थिएटर और वार्ड स्टाफ के आपसी समन्वय से किए गए। एमसीएच प्रभारी डॉ. अभिषेक अग्रवाल ने भी सर्जरी में एनेस्थीसिया विशेषज्ञों और नर्सिंग स्टाफ की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
सर्जरी में शामिल रही चिकित्सकीय टीम
तीनों ऑपरेशन में सर्जन के रूप में डॉ. दिशा ठाकुर क्षत्रिय और डॉ. उपमा पटेल शामिल रहीं। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. उषा भगत और डॉ. घनिष्ठा ने जिम्मेदारी निभाई, जबकि मेडिकल ऑफिसर के रूप में डॉ. रामाशंकर ने सेवाएं दीं।
ऑपरेशन थिएटर में लता मेहर, जैसिंटा और गुड्डी सिस्टर ने सहयोग किया। वहीं वार्ड में प्रधान सिस्टर, शारदा सिस्टर और अंशु सिस्टर ने मरीजों की देखभाल एवं उपचार प्रक्रिया में योगदान दिया। जिला चिकित्सालय प्रबंधन ने सफल सर्जरी में शामिल सभी चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रयासों की सराहना की।











