मेरे जमीन का मुआवजा और क्षतिपूर्ति दो तभी बनाने दूंगी–श्रीमती भूरी बाई वर्मा


75 वर्षीय बुजुर्ग महिला का फरियाद कोई नहीं सुन रहा
राघवेंद्र सिंह
बलौदाबाजार
बलौदाबाजार भाटापारा जिले के पलारी विकासखंड के क्षेत्र में आने वाला वटगन ग्राम पंचायत जहां की रहने वाली 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला श्रीमती भूरी बाई वर्मा जिसने कल नहर निर्माण कार्य में हो रहे कार्यों पर अंकुश लगाने जैसा कृत्य किया कृत्य करने का कई प्रकार की बातें सामने आ रही है मौके पर तहसीलदार पलारी पुलिस थाना प्रभारी सरपंच प्रतिनिधि नहर निर्माण में कार्य कर रहे ठेकादार विभागीय अमला के साथ-साथ नागरिक जन भी उपस्थित रहे।जहां पर भूरी बाई वर्मा ने कहा कि सन् 2007-8 में समोदा नहर जो समोदा से लेकर लव जाने के लिए नहर के लिए पास हुआ जिसमें मेरा खेत जिनमें मेरे नाम पर लगभग 5. 45 एकड़ तथा मेरे पुत्र कामराज वर्मा के नाम पर 4.30 एकड़ की खेती है और नहर में पास होने के लिए हमारी खेती आ रही है और यह दुख की बात है कि हमारी पूरी खेती इस नहर कार्य में जा रही है अब हम क्या करें क्योंकि हमारी पूरी आजीविका खेती पर निर्भर है हम सदियों से खेती करते आ रहे हैं और आज दिनांक तक हमें खेती का मुआवजा भी नहीं मिला सन् 2007-8 में जब नहर के लिए प्रस्ताव हुआ यह जगह तो हमारी लगभग 6 एकड़ की खेती नहर में आ रहा था मगर 4 एकड़ की खेती नहर में नहीं आया क्योंकि हमारे खेत के समीप में लगा हुआ लोगों को मुआवजा मिला तो हमें ऐसा लगा कि जिनको मुआवजा मिला है उसी की खेती जाएगी मगर जब नहर का निर्माण कार्य जारी हुआ तब पता चला कि हमारा भी खेती उसमें जा रहा है, मगर हमें मुआवजा नहीं मिला, निविदा निकला जिसमें हम ने आपत्ति जताई उसका आज तक निराकरण नहीं हुआ, तहसीलदार, अनुविभागीय अधिकारी, कलेक्टर यहां तक कि मुख्यमंत्री और राज्यपाल को भी कई बार आवेदन देने एवं समक्ष खड़े होने के बावजूद भी आज तक रमन सरकार के राज्य से लेकर भूपेश सरकार तक कोई सुनवाई नहीं हुई और बड़ी विडंबना है कि आज इस भूवर्जन जैसे प्रकरण में इतनी शिथिलता जारी कर रहे हैं यह अधिकारी और 2007-8 में जब समोदा नहर के लिए खेत प्रस्ताव हुआ तब से लेकर आज तक ना हमें कोई मुआवजा राशि मिली और इतने समय की खेती कि हमें आज तक क्षतिपूर्ति नहीं मिली काश अगर हमारे पास यह खेती रहती और हम उस पर खेती करते तो हमें हमारी आजीविका पर बात नहीं आती साथ ही साथ हमारे बच्चों के पढ़ाई लिखाई पर भी हम उसी खेती का उपयोग कर सकते थे इस पूरी घटना क्रम को हमने आज तहसीलदार और थाना प्रभारी को भी ग्रामीण जन के समक्ष भी कहां है।
मेरी पूरी खेती जाने से अब आजीविका पर बात आ गई है अब हम क्या करें हम शासन से जानना चाहते हैं कामराज वर्मा किसान
नहर निर्माण कार्य में किसान के द्वारा क्यों रुकावट की जा रही है हम उसे जांच करवा लेते हैं। रोमा श्रीवास्तव
अनुविभागीय अधिकारी बलौदाबाजार







