मूंदहुं आंख कतहुं कछु नाहीं!
(व्यंग्य : राजेन्द्र शर्मा)

spot_img

भक्त गलत थोड़े ही कहते हैं, मोदी जी को कोई हरा नहीं सकता है। मोदी जी जब अमरीका के लिए फुर्र हुए थे, विरोधी कितनी कांय-कांय कर रहे थे। मणिपुर को जलता छोड़क़र मोदी जी अमरीका उड़ गए। मणिपुर के विधायक दिल्ली में मुलाकात का टैम मिलने का इंतजार ही करते रह गए, मोदी जी अमरीकियों से बतियाने निकल गए। मणिपुर के लिए एक शब्द तक नहीं और मोदी जी अमरीकी संसद को पूरा भाषण सुनाने चले गए। और भी न जाने क्या-क्या? पर अगले ने एक ही दांव में सब के मुंह सिलवा दिए। उतरते ही गांधी जी के सामने हाथ जोड़ दिए और बन गया गांधी जी के बंदरों का अनुयाई; वह भी थ्री-इन-वन — न बुरा देखना, न बुरा सुनना और न बुरा बोलना!

फिर क्या था, मोदी जी ने प्रेस कान्फ्रेेंस भी कर दी। आठ साल से एक भी प्रेस कान्फ्रेेंस नहीं की थी, पर इस बार कर दी। न देश में और न विदेश में, कहीं भी प्रेस कान्फ्रेंस नहीं की थी, पर इस बार कर दी। आठ साल मीडिया का सामना नहीं करने का अपना रिकार्ड खुद ही तोड़ दिया और प्रेस कान्फ्रेस कर दी। छप्पन इंच की छाती लेकर भी प्रेस से डरने के इल्जामों को झुठला दिया और प्रेस कान्फ्रेंस कर दी। अपने होम ग्राउंड पर नहीं, अमरीका के व्हाइट हाउस में प्रेस कान्फ्रेस कर दी। राहुल गांधी बहुत प्रेस कान्फ्रेंस, प्रेेस कान्फ्रेंस करते फिरते हैं, कभी व्हाइट हाउस में प्रैस कान्फ्रेंस कर के दिखाएं तो जानें। और प्रेस कान्फ्रेंस भी ऐसी कि एक देसी और एक विदेशी, दो-दो पत्रकारों के सवालों को धूल चटा दी। विदेशी वाला तो अब तक इसकी खोज ही करा रहा होगा कि मोदी जी बोले तो खूब, पर सवाल का जवाब कब दिया? चुनावी भाषण का टुकड़ा भी कोई प्रेस के सवाल का जवाब है, लल्लू!

देश में भले ही वोट कटवाते हों, पर विदेश में गांधी जी और उनसे भी बढ़क़र उनके बंदर अब भी बहुत काम आते हैं। सिर्फ खरीद-बिक्री से काम, बाकी बंदा न कुछ देखे, न सुने, न बोले! बस बाहर, प्रेस कान्फ्रेंस करना भी कितना आसान है, मोदी जी से हर रोज करा लो। हर सवाल के जवाब में, रटा-रटाया मिनी भाषण ही तो देना है।

(व्यंग्यकार वरिष्ठ पत्रकार और साप्ताहिक ‘लोकलहर’ के संपादक हैं।)

चंद्रशेखर जायसवाल
चंद्रशेखर जायसवाल
OWNER/EDITOR - CHANDRASHEKHAR JAISAWAL Mo.-9340765733
spot_img
spot_img

Recent Posts

चक्रधर समारोह में खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने बिखेरे शास्त्रीय नृत्य के रंग

ओडिसी, भरतनाट्यम और कथक की मनोहारी प्रस्तुतियों ने सप्तम सांस्कृतिक संध्या में बांधा समां रायगढ़, 20 सितंबर 2026। 41वें अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह-2026 की...

CHHATTISGARH NEWS

चक्रधर समारोह में खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने बिखेरे शास्त्रीय नृत्य के रंग

ओडिसी, भरतनाट्यम और कथक की मनोहारी प्रस्तुतियों ने सप्तम सांस्कृतिक संध्या में बांधा समां रायगढ़, 20 सितंबर 2026। 41वें अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह-2026 की...

RAIGARH NEWS

चक्रधर समारोह में खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने बिखेरे शास्त्रीय नृत्य के रंग

ओडिसी, भरतनाट्यम और कथक की मनोहारी प्रस्तुतियों ने सप्तम सांस्कृतिक संध्या में बांधा समां रायगढ़, 20 सितंबर 2026। 41वें अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह-2026 की...