पिछले डेढ़ महीनों से अवंतिका पुर गवटिया पारा का ट्रांसफॉर्मा पड़ा हुआ है खराब अंधेरे में रहने के लिए मजबूर हैं ग्रामीण


बिहार पुर। सूरजपुर जिले के दूरस्थ क्षेत्र चांदनी बिहार पुर के अवंतिका पुर गवटिया पारा का ट्रांसफॉर्मर पिछले डेढ़ महीना से पड़ा है खराब लेकिन विद्युत विभाग द्वारा नहीं दिया जा रहा है ध्यान अंधेरे में रहने के लिए मजबूर हैं पंडो जनजाति के ग्रामीण आपको बता दें कि चांदनी क्षेत्र के बिहार पुर के अवंतिका पुर गवटिया पारा एक ऐसा बस्ती है जो पहाड़ों से सटा हुआ है और चारों ओर से जंगल है और उसी बस्ती में राष्ट्रपति के कहे जाने वाले दत्तक पुत्र पंडों जनजाति के लोगों की संख्या लगभग 30 से 40 घर है जहां का ट्रांसफार्मा पिछले डेट महीनों से खराब पड़ा हुआ है जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है स्कूली बच्चों का पढ़ाई में भी डिस्टर्ब हो रही है क्योंकि उस पारा से लगभग 30 से 40 स्टूडेंट है पढ़ने में बहुत डिस्टर्ब हो रही है पहाड़ी इलाका होने के नाते जंगली जानवरों का आना जाना रात में चालू हो जाता है आए दिन इस बरसात के मौसम में कीड़े मकोड़े जीव जंतु का हमेशा डर बना रहता है इस कारण वहां के ग्रामीणों को बिजली न होने के कारण मुश्किलें बढ़ गई है और उस पारा के ग्रामीणों ने बताया कि बिजली विभाग के अधिकारियों को कई बार सूचना दिया गया है कि अवंतिका पुर गवटिया पारा ट्रांसफार्मर खराब हो चुका है नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए लेकिन बिजली विभाग के अधिकारी कर्मचारी अभी तक सुध लेने नहीं पहुंचे नया ट्रांसफार्मा लगाना उचित नहीं समझे इस कारण वहां के ग्रामीणों का जीना हो गया हराम और गौरतलब की बात यह है कि बिजली विभाग ने चांदनी क्षेत्र में हमेशा कोई ना कोई पारा का ट्रांसफार्मर खराब होते रहता है पर बिजली विभाग की लापरवाही से कहीं का भी ट्रांसफरमा डेढ़ दो महीना पहले कभी नहीं लग पाता विद्युत विभाग ने चांदनी क्षेत्र मैं बिजली के बारे में मजाक पर मजाक बनाई रहती है आपको बता दें कि लाइट रहे या ना रहे बिल हर महीने की आती है राज्य सरकार ने बिजली बिल हाफ बिजली करने की बात करती है इधर विद्युत विभाग में बिजली ही हाफ करके फुल बिल वसूल कर लेती है हर महीने का बिल आती है विद्युत विभाग के इस लापरवाही को देखते हुए स्पष्ट पता चलता है कि राज्य सरकार के हिसाब बिजली विभाग चल रही है इसको देखते हुए ग्रामीणों ने कहा कि हर महीने लाइट होनी चाहिए हर महीने बिजली बिल देखकर बिल वसूलने चाहिए इसमें ग्रामीणों को कोई तकलीफ नहीं आएगी सरकार की गलती हो या बिजली विभाग सुधार करके सही ढंग से बिजली बिल देखकर वसूलना चाहिए इसमें ग्रामीणों की खुशी रहेगी ग्रामीणों का कहना है कि दो दिवस के भीतर नहीं लगा ट्रांसफार्मर तो वहां का ट्रांसफार्मर हटाय जाए नहीं तो तत्काल प्रभाव भूपेश बघेल माननीय संसदीय सचिव पारसनाथ राजवाड़े को तत्काल हटाना चाहिए
अब यह देखना है संसदीय सचिव पारसनाथ जवाड़े एवं छत्तीसगढ़ शासन निर्णय लेती है कि पैसे में लिप्त हो जाती है







