लैलूंगा/राजपुर। सुशासन त्यौहार के तहत आयोजित राजपुर शिविर उस समय गरमा गया जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी करते हुए सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पूरे शिविर परिसर में “साय सरकार होश में आओ”, “राजपुर की सड़क बनाओ”, “बोनस का पैसा दो”, “सुशासन का ढकोसला बंद करो”, “किसानों को मुआवजा दो” और “पेयजल व्यवस्था करो” जैसे नारों की गूंज सुनाई दी।
ग्रामीणों का आरोप था कि वर्षों से राजपुर क्षेत्र की सड़कें बदहाल पड़ी हैं, किसान बोनस और मुआवजे के लिए भटक रहे हैं, वहीं गांवों में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। लेकिन प्रशासन सिर्फ शिविर लगाकर कागजी खानापूर्ति कर रहा है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि जनता अब सिर्फ आश्वासन नहीं बल्कि जमीन पर काम चाहती है। ग्रामीणों ने मंच के सामने खड़े होकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन से तत्काल समस्याओं के समाधान की मांग की।
शिविर में मौजूद अधिकारियों को भी लोगों के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। कई ग्रामीणों ने कहा कि यदि जल्द समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।
राजपुर में जनता का साफ संदेश — “काम चाहिए, सिर्फ भाषण नहीं!”
सुशासन शिविर में हुए इस हंगामे ने साफ कर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पानी, बोनस और मुआवजे जैसे मुद्दों को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। राजपुर में गूंजे नारों ने पूरे क्षेत्र की राजनीति को गरमा दिया है।








