बेलगहना पुलिस ने चंद घंटों में सुलझाया सनसनीखेज मामला, पिता समेत दो गिरफ्तार


बिलासपुर संभाग हेड सुखदेव आज़ाद
जिला बिलासपुर
बिलासपुर जिले के बेलगहना चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रतखंडी में एक युवक की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने की सनसनीखेज साजिश का पुलिस ने कुछ ही घंटों में पर्दाफाश कर दिया मामले में पुलिस ने मृतक के पिता भाई और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है पुलिस के अनुसार आरोपी उमेन्द सिंह पटेल (52 वर्ष) निवासी रतखंडी ने 20 मई को चौकी बेलगहना पहुंचकर सूचना दी थी कि उसके पुत्र गौरीशंकर पटेल (23 वर्ष) ने जहरीला पदार्थ सेवन कर आत्महत्या कर ली है। मौके पर जहर की शीशी भी पड़ी होने की बात बताई गई थी सूचना के आधार पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल और मृतक की परिस्थितियां संदिग्ध लगीं वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर शव और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कराया गया। जांच में मृतक के शरीर पर चोट के निशान और अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य मिले जिससे मामला आत्महत्या के बजाय हत्या का प्रतीत हुआ पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम कराया, जिसमें हत्या की पुष्टि होने पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई विवेचना के दौरान सामने आया कि मृतक गौरीशंकर शराब पीने का आदी था और अक्सर घर में विवाद एवं मारपीट करता था। घटना की रात भी वह अत्यधिक शराब के नशे में घरवालों से झगड़ा कर रहा था संदेह के आधार पर जब पुलिस ने परिजनों से कड़ाई से पूछताछ की तो पूरा मामला सामने आ गया आरोपियों ने स्वीकार किया कि घटना की रात मृतक के पिता उमेन्द सिंह पटेल भाई शिवशंकर पटेल और एक अपचारी बालक ने मिलकर गौरीशंकर के साथ मारपीट की इसके बाद उसके हाथ-पैर बांधकर मुंह दबाए रखा, जिससे उसकी मौत हो गई हत्या के बाद आरोपियों ने घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए घर में रखी कीटनाशक की शीशी लाकर मृतक के मुंह में डाल दी और आसपास भी फैला दिया, ताकि मामला जहरीला पदार्थ सेवन कर आत्महत्या का लगे। अगले दिन आरोपी पिता ने गांव वालों और पुलिस को आत्महत्या की झूठी सूचना देकर गुमराह करने का प्रयास किया बेलगहना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एफआईआर दर्ज होने के कुछ घंटों के भीतर ही पूरे मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया मामले में हत्या के साथ-साथ साक्ष्य छिपाने और एक राय होकर अपराध करने के आरोप में धारा 238 एवं 3(5) बीएनएस भी जोड़ी गई है पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह एवं एसडीओपी कोटा नुपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में की गई कार्रवाई में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक हेमंत सिंह सहायक उप निरीक्षक मोतीलाल सूर्यवंशी आरक्षक धर्मेंद्र कश्यप धीरज जायसवाल ईश्वर नेताम एवं अंकित जायसवाल की विशेष भूमिका रही








