
कलेक्टर के आदेशों की खुली अवहेलना, दलालों के संरक्षण में चल रहा अवैध कारोबार

जिला बिलासपुर
बिलासपुर जिले के सीपत, नरगोड़ा, बिल्हा, बरतोरी, मस्तूरी एवं पचपेड़ी सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध बोर खनन का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रशासनिक निर्देशों और कलेक्टर के आदेशों की अनदेखी करते हुए कुछ बोर मशीन संचालक, मालिक एवं कथित दलाल रात के अंधेरे में अवैध रूप से बोर खनन कार्य करा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि सीपत एवं आसपास के ग्रामीण इलाकों में देर रात बोर मशीनों की आवाजाही लगातार देखी जा रही है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बिना अनुमति और आवश्यक दस्तावेजों के भूमिगत जल का दोहन किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र का भूजल स्तर लगातार प्रभावित हो रहा है।

जानकारों का कहना है कि प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के बावजूद अवैध बोर खनन पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। कई स्थानों पर नियमों को दरकिनार कर रात के समय मशीनें लगाकर कार्य कराया जा रहा है ताकि प्रशासनिक निगरानी से बचा जा सके।

स्थानीय नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन, खनिज विभाग तथा पुलिस विभाग से मांग की है कि अवैध बोर खनन में शामिल मशीन मालिकों, संचालकों और दलालों की जांच कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही रात में संचालित हो रहे संदिग्ध बोर खनन कार्यों पर तत्काल रोक लगाने हेतु संयुक्त अभियान चलाने की मांग भी उठाई गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले समय में भूजल स्तर पर गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा।








