केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah द्वारा आदिवासी समाज को ‘वनवासी’ कहे जाने पर शुक्रवार को आदिवासी कांग्रेस का गुस्सा फूट पड़ा। बस स्टैंड चौक में आदिवासी कांग्रेस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए अमित शाह का पुतला दहन किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व आदिवासी कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिलीप केरकेट्टा और पूर्व विधायक Hriday Ram Rathiya ने किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और ‘वनवासी’ शब्द को आदिवासी समाज का अपमान बताया।
‘हम जंगल में रहने वाले नहीं, इस देश के मूल निवासी’
हाल ही में दिल्ली में आयोजित ‘जनजाति संगम’ कार्यक्रम में अमित शाह ने अपने भाषण में आदिवासी समाज के लिए बार-बार ‘वनवासी’ शब्द का प्रयोग किया था। इसी बयान को लेकर आदिवासी समाज और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
प्रदर्शन कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज इस देश का मूल निवासी है। उन्हें केवल जंगल से जोड़कर देखना उनकी पहचान और इतिहास को छोटा करने जैसा है।
पुलिस ने रोका तो भड़के कार्यकर्ता
पुतला दहन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शन रोकने की कोशिश की, जिसके बाद माहौल गरमा गया। कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर झूमाझटकी हुई। कुछ देर तक बस स्टैंड चौक में तनाव की स्थिति बनी रही।
बड़ी संख्या में जुटे कांग्रेस और आदिवासी नेता
प्रदर्शन में पूर्व विधायक हृदय राम राठिया, जिलाध्यक्ष दिलीप केरकेट्टा, युवा प्रभाग अध्यक्ष शिवशंकर पैकरा, सरपंच जुगलाल भगत, बीडीसी अन्नू तिर्की, जगदीश सिदार, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष वीरेंद्र शाह, उपाध्यक्ष सतीश शुक्ला, महामंत्री प्रमोद प्रधान, धर्मेंद्र बानी, राज पटेल, अपरांस सिन्हा, आकृत सारथी, राकेश महंत, अंकित निषाद, संदीप राजपूत, शुभम गुप्ता, विक्की वैष्णव, रोशन साहू, हरीश पैकरा, भूवेश राठिया सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आदिवासी बनाम वनवासी’ की बहस फिर तेज
गौरतलब है कि ‘आदिवासी’ और ‘वनवासी’ शब्द को लेकर लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस जारी है। कई आदिवासी संगठन ‘वनवासी’ शब्द को उनकी असली पहचान को कमजोर करने वाला बताते रहे हैं। शुक्रवार का यह प्रदर्शन इसी बहस को फिर से गर्मा गया।








