लैलूंगा। लैलूंगा क्षेत्र में अंग्रेजी शराब की अवैध बिक्री को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय लोगों के बीच यह आरोप तेजी से फैल रहा है कि लैलूंगा शराब दुकान के प्रबंधक भूपेंद्र पटेल की कथित शह पर गांव-गांव तक अंग्रेजी शराब पहुंचाई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के कई कोचियों को खुलेआम शराब उपलब्ध कराई जा रही है, जिसके कारण गांवों में अवैध शराब कारोबार फल-फूल रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि शराब केवल अधिकृत दुकान से ही बिकनी है, तो फिर दूर-दराज के गांवों में आसानी से अंग्रेजी शराब कैसे पहुंच रही है? लोगों का कहना है कि बिना मजबूत सप्लाई चैन के इतनी बड़ी मात्रा में शराब का गांवों तक पहुंचना संभव नहीं है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि अवैध शराब बिक्री के कारण युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है और सामाजिक माहौल भी प्रभावित हो रहा है। वहीं आबकारी विभाग की निष्क्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अवैध बिक्री पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो अवैध शराब नेटवर्क पर तत्काल अंकुश लगाया जाना चाहिए।
“गांव-गांव शराब, जिम्मेदार कौन?”
लैलूंगा में अवैध शराब बिक्री को लेकर उठ रहे सवाल अब प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इन आरोपों की जांच कर सच्चाई सामने लाता है या नहीं।
(नोट: यह खबर स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे आरोपों और जनचर्चाओं पर आधारित है। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)









