पाइप के जरिए गंदा पानी नहर में बहाए जाने की शिकायत, पानी की गुणवत्ता जांचने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की उठी मांग
लैलूंगा। नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में नहर के पानी की स्वच्छता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि गोल्डी पटेल द्वारा पाइप के माध्यम से गोबर मिला पानी और अन्य गंदा पानी नहर में छोड़ा जा रहा है। स्थानीय स्तर पर सामने आए इस मामले को लेकर नहर के पानी का उपयोग करने वाले लोगों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर चिंता जताई जा रही है।
नहर के पानी की गुणवत्ता पर सवाल
बताया जा रहा है कि नहर के पानी का उपयोग क्षेत्र के अनेक लोग नहाने-धोने और अन्य दैनिक कार्यों के लिए करते हैं। ऐसे में यदि नहर में गोबरयुक्त या दूषित पानी छोड़े जाने की पुष्टि होती है, तो यह सार्वजनिक स्वास्थ्य की दृष्टि से गंभीर मामला हो सकता है। हालांकि, पानी की गुणवत्ता और प्रदूषण की स्थिति की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
जांच और कार्रवाई की मांग
मामले को लेकर संबंधित विभाग से नहर में लगाए गए पाइप और उसके माध्यम से पानी छोड़े जाने की जांच कराने की मांग की जा रही है। साथ ही नहर के पानी के नमूने लेकर उसकी गुणवत्ता की जांच कराने की आवश्यकता जताई गई है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
जिम्मेदार विभाग की भूमिका पर नजर
अब संबंधित विभाग की ओर से मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। यदि जांच में नहर में दूषित पानी छोड़े जाने की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार जिम्मेदार पक्ष के विरुद्ध कार्रवाई और प्रदूषण रोकने के लिए आवश्यक उपाय किए जाने की जरूरत होगी।











