वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी करेंगे जिला स्तरीय आयोजन का शुभारंभ, गणेश वंदना से छत्तीसगढ़ी लोकगायन तक दिखेगी कला-संस्कृति की झलक
रायगढ़। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में रायगढ़ जिले में 2 नवंबर को राज्योत्सव का आयोजन किया जाएगा। पंजरी प्लांट स्थित संत पूज्य श्री प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 6 बजे प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी करेंगे। इस वर्ष राज्योत्सव की थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ रखी गई है। आयोजन में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और विभागीय उपलब्धियों की प्रदर्शनी के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
विभागीय प्रदर्शनी में दिखेगी विकास और उपलब्धियों की झलक
राज्योत्सव स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा शासन की योजनाओं और विकास कार्यों पर आधारित आकर्षक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। विभागीय स्टॉलों के माध्यम से आम नागरिकों को महिला स्वावलंबन, युवा कौशल विकास, ग्रामीण समृद्धि, औद्योगिक प्रगति और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी मिलेगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं और गौरवशाली विरासत की झलक भी देखने को मिलेगी।
आयोजन की तैयारियों का जायजा लेने कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी आयोजन स्थल पहुंचे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने बैठक व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, ध्वनि विस्तारक यंत्र, पार्किंग, सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं सहित सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने को कहा। इस दौरान नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
शाम 8 बजे से शुरू होंगी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
राज्योत्सव की सांस्कृतिक संध्या 2 नवंबर को रात 8 बजे से शुरू होगी। कार्यक्रम की शुरुआत श्री चक्रधर संगीत महाविद्यालय, रायगढ़ की गणेश वंदना नृत्य प्रस्तुति से होगी। इसके बाद विभिन्न संस्थाओं और कलाकारों द्वारा देश के अलग-अलग क्षेत्रों की लोककलाओं तथा छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रमुख प्रस्तुतियां इस प्रकार रहेंगी—
- आयत कथक एकेडमी: रामकथा समूह नृत्य।
- श्री चक्रधर बालिका गृह: नशामुक्त भारत पर आधारित नृत्य।
- ओ.पी. जिंदल स्कूल: बिहू एवं छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य।
- शासकीय कन्या आश्रम गोढ़ी (तमनार): आदिवासी करमा नृत्य।
- कार्मेल इंग्लिश मीडियम स्कूल: राजस्थानी लोकनृत्य।
- जिंदल चिल्ड्रन होम, तमनार: शिव तांडव नृत्य।
- वैष्णव संगीत महाविद्यालय: देवस्तुति।
- सेंट टेरेसा इंग्लिश मीडियम स्कूल: पहाड़ी नृत्य।
- पायल मानिकपुरी एवं समूह: नृत्य नाद (त्रिश्लोका कथक)।
- शेखर गिरि एवं समूह: पंथी नृत्य।
- हुतेन्द्र शर्मा एवं समूह: छत्तीसगढ़ लोकनृत्य एवं लोकसंगीत।
लोकसंस्कृति और परंपराओं का दिखेगा रंग
सांस्कृतिक संध्या में गणेश वंदना, रामकथा, बिहू, करमा, राजस्थानी लोकनृत्य, पहाड़ी नृत्य, कथक और पंथी जैसी विविध प्रस्तुतियां दर्शकों को देश की सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराएंगी। वहीं, छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य और लोकसंगीत के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ की थीम पर आयोजित यह राज्योत्सव विकास योजनाओं की जानकारी देने के साथ महिला सशक्तिकरण, युवा प्रतिभाओं और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को एक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर बनेगा।











