
जांजगीर चांपा।
पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में मानिकपुरी समाज की महिलाओं ने एक प्रेरणादायी पहल की है। समाज की महिलाओं द्वारा 50 डिसमिल भूमि में बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जा रहा है। इसके साथ ही इसी भूमि पर हल्दी की खेती भी की जाएगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
महिलाओं ने सामूहिक रूप से पौधे लगाकर हरियाली बढ़ाने का संकल्प लिया और लोगों को भी अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने के लिए प्रेरित किया। इस अभियान के तहत लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल की जिम्मेदारी भी महिलाओं ने स्वयं उठाई है, ताकि भविष्य में यह क्षेत्र एक हरित परिसर के रूप में विकसित हो सके।
समाज की महिलाओं ने बताया कि हल्दी की खेती जैविक तरीके से की जाएगी। इससे एक ओर भूमि की उत्पादकता बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर महिलाओं को अतिरिक्त आय का स्रोत भी प्राप्त होगा। यह पहल सामूहिक श्रम, आत्मनिर्भरता और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण है।
इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजन, युवा एवं अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। सभी ने महिलाओं की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा करते हुए इसे सामाजिक एकता, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उपस्थित लोगों ने भविष्य में भी ऐसे जनहित एवं पर्यावरण हितैषी अभियानों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।यदि यह कार्यक्रम किसी विशेष गांव, संस्था या महिला समूह द्वारा आयोजित किया गया है,










