रायपुर। औद्योगिक क्षेत्र उरला के ग्राम कनहेरा स्थित सागर TMT प्लांट में फर्नेस ब्लास्ट की घटना सामने आने के बाद फैक्ट्री में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। हादसे में कई मजदूरों के घायल होने के बाद उन्हें निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। आरोप है कि फैक्ट्री प्रबंधन ने घटना की तत्काल सूचना पुलिस और संबंधित विभागों को नहीं दी।
बाहरी माध्यम से पुलिस को मिली हादसे की सूचना
घटना की जानकारी मिलने के बाद उरला पुलिस की टीम निजी अस्पताल पहुंची और घायल मजदूरों के बयान दर्ज किए। पुलिस के अनुसार, प्लांट प्रबंधन की ओर से हादसे की कोई आधिकारिक सूचना थाने में नहीं दी गई थी। बाहरी माध्यम से जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की।

धारा 289 और 239 के तहत मामला दर्ज
उरला थाना प्रभारी रोहित मलेकर ने बताया कि पुलिस ने मामले में स्वयं संज्ञान लेते हुए घायलों के बयान दर्ज किए हैं। सुरक्षा मानकों की अनदेखी और घटना की जानकारी छिपाने के आरोपों को लेकर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ धारा 289 और 239 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

श्रम विभाग की सक्रियता पर भी उठे सवाल
घटना के बाद श्रम विभाग की सक्रियता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे में हादसे के बावजूद विभाग को घटना की जानकारी समय पर क्यों नहीं मिली, इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जांच की मांग
हादसे ने औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा नियमों के पालन और उनकी निगरानी व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है। श्रमिक संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन होना चाहिए, ताकि श्रमिकों की जान जोखिम में न पड़े।
मुख्यमंत्री से शिकायत की तैयारी
सागर TMT हादसे को लेकर श्रम सतर्कता समिति धरसींवा के सदस्यों ने मामले को गंभीरता से उठाने की तैयारी की है। समिति जल्द ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर लिखित शिकायत देने की बात कह रही है। समिति की ओर से दोषियों पर कार्रवाई, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और घायल मजदूरों को उचित सहायता दिलाने की मांग की जाएगी।
पुलिस जांच जारी
उरला पुलिस के मुताबिक, सागर TMT प्लांट हादसे में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और घटना की जानकारी छिपाने के आरोप में कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। घायलों के बयान लिए जा चुके हैं और पूरे मामले की जांच जारी है।





