राधा केली कुंज आश्रम में हुआ हादसा
वृंदावन स्थित राधा केली कुंज आश्रम में एक साधक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। मृतक की पहचान रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक वह आश्रम की चौथी मंजिल से नीचे गिर गया था, जिसके बाद गंभीर रूप से घायल हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
2024 में ली थी दीक्षा, फोन बंद होने का दावा
परिजनों के अनुसार मृतक मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर का निवासी था और उसने वर्ष 2024 में संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम से दीक्षा ग्रहण की थी। परिवार का कहना है कि दीक्षा लेने के बाद उसका फोन बंद करा दिया गया था, जिससे उनसे संपर्क काफी सीमित हो गया था। परिजनों ने यह भी बताया कि वे कई बार वृंदावन जाकर उससे मिलने की कोशिश कर चुके थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो पाई।
परिजनों ने आश्रम की व्यवस्था पर उठाए सवाल
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने कई सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि सूचना मिलने के बाद वे पूरी रात आश्रम के बाहर इंतजार करते रहे, लेकिन आश्रम प्रबंधन की ओर से संवेदना तक व्यक्त नहीं की गई। परिवार ने मुलाकात न हो पाने और घटना की परिस्थितियों को लेकर भी सवाल उठाए हैं, हालांकि इन दावों की अब तक किसी स्वतंत्र सूत्र से पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस सभी तथ्यों और बयानों की जांच कर रही है।
शव पर मिली चोटों को लेकर उठे सवाल
घटना के बाद मृतक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिलने की जानकारी सामने आई है, जिसे लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। कमरे से एक ग्राइंडर बरामद होने की बात भी सामने आई है, हालांकि इन तथ्यों के आधार पर अभी मौत के कारण की पुष्टि नहीं की जा सकती। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है, ताकि चोटों की प्रकृति और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
हादसा, आत्महत्या या हत्या—अभी स्पष्ट नहीं
पुलिस जांच में फिलहाल हादसा, आत्महत्या और हत्या तीनों ही संभावनाओं को ध्यान में रखा जा रहा है। मौके से मिले साक्ष्यों के साथ-साथ फॉरेंसिक जांच को भी विवेचना का हिस्सा बनाया गया है। अभी तक मौत को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है और पोस्टमार्टम व फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।






