राज्यपाल रमेन डेका से मिले दिल्ली से आए इन्फ्लुएंसर, तीन दिन बस्तर में रहकर गांवों, पर्यटन स्थलों और प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा
रायपुर। बस्तर में शांति और विकास के बाद हुए बदलावों को देश-दुनिया तक पहुंचाने में इंटरनेट मीडिया इन्फ्लुएंसर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह बात राज्यपाल रमेन डेका ने गुरुवार को दिल्ली से रायपुर पहुंचे 41 इंटरनेट मीडिया इन्फ्लुएंसर से मुलाकात के दौरान कही।
बस्तर में विकास कार्यों को मिली गति
राज्यपाल ने कहा कि माओवाद के प्रभाव में कमी आने के साथ बस्तर में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और रोजगार के क्षेत्र में विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लोगों का विश्वास बढ़ रहा है और बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह भी देखने को मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से गांवों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। रोजगार के अवसर बढ़ने से क्षेत्र में विकास की गति और तेज होने की उम्मीद है।
तीन दिन बस्तर में रहे इन्फ्लुएंसर
सेवा संकल्प अभियान के तहत रायपुर पहुंचे इन 41 इंटरनेट मीडिया इन्फ्लुएंसर ने तीन दिनों तक बस्तर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने माओवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों, ग्रामीण इलाकों और पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया तथा स्थानीय लोगों से संवाद किया।
दौरे के दौरान इन्फ्लुएंसर ने बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता के साथ वहां हो रहे विकास कार्यों और स्थानीय परिस्थितियों को करीब से देखा। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बस्तर में शांति और सुकून का अनुभव होने की बात कही।
इन्फ्लुएंसर के अनुसार क्षेत्र में सड़क संपर्क बेहतर होने के साथ पुनर्वास और रोजगार से जुड़े प्रयास भी नजर आए।
पांच करोड़ से ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी बस्तर की कहानी
पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने बताया कि इन 41 इन्फ्लुएंसर के विभिन्न इंटरनेट मीडिया मंचों से पांच करोड़ से अधिक लोग जुड़े हुए हैं।
इन्फ्लुएंसर ने बस्तर प्रवास के दौरान अपने अनुभवों और देखे गए स्थानों को इंटरनेट मीडिया के माध्यम से साझा करने की बात कही है। इससे बस्तर की प्राकृतिक खूबसूरती, पर्यटन संभावनाओं और विकास से जुड़े बदलावों की जानकारी व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंच सकती है।
पर्यटन को भी मिल सकता है बढ़ावा
बस्तर के विकास और पर्यटन स्थलों की जानकारी इंटरनेट मीडिया के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचने से क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को भी प्रचार मिल सकता है। स्थानीय संस्कृति, प्राकृतिक स्थल और ग्रामीण जीवन से जुड़े अनुभवों को डिजिटल माध्यमों पर साझा किए जाने से बस्तर की अलग पहचान सामने लाने में मदद मिल सकती है।






