80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को निशुल्क बस यात्रा की सुविधा, परिवहन विभाग की पहल को मिला विश्व रिकॉर्ड का प्रमाण
रायपुर। छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा आसानी से उपलब्ध कराने की दिशा में परिवहन विभाग की पहल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। 1 अक्टूबर को 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के 1810 वरिष्ठ नागरिकों को निशुल्क बस पास उपलब्ध कराए गए। विभाग के अनुसार, इस पहल को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है।
बुजुर्गों के सम्मान से जुड़ी पहल
परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि को प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह केवल रिकॉर्ड बनने की उपलब्धि नहीं है, बल्कि बुजुर्गों के सम्मान और उनकी सुविधा से जुड़ी पहल है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में परिवहन व्यवस्था को बेहतर और सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ उसे संवेदनशील बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
वरिष्ठ नागरिकों को सार्वजनिक परिवहन में मुफ्त यात्रा
परिवहन मंत्री के अनुसार, 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों ने अपने अनुभव और योगदान के माध्यम से समाज तथा प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उम्र के इस पड़ाव में स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों, पारिवारिक कार्यों और अन्य आवश्यकताओं के लिए आवागमन करना कई बार चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
ऐसे में सार्वजनिक परिवहन में निशुल्क यात्रा की सुविधा वरिष्ठ नागरिकों के दैनिक आवागमन को आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।
450 गांव पहली बार बस सेवा से जुड़े
परिवहन विभाग के मुताबिक मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत 69 चयनित मार्गों पर बसों का संचालन शुरू किया गया है। इसके माध्यम से करीब 450 ऐसे गांवों को पहली बार यात्री बस सेवा से जोड़ा गया, जहां पहले नियमित सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध नहीं थी।
विभाग ने ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया है।
2026-27 में 200 नई बसों की कार्ययोजना
परिवहन विभाग के अनुसार वर्ष 2026-27 में 200 नई बसों के संचालन की कार्ययोजना भी तैयार की गई है। इसका उद्देश्य प्रदेश के ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में परिवहन सुविधा को और मजबूत करना है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए निशुल्क बस पास की व्यवस्था को भी इसी व्यापक प्रयास का हिस्सा बताया गया है, जिससे बुजुर्गों को जरूरी कार्यों के लिए आवागमन में सहूलियत मिल सके।






