देशद्रोह और विदेशी ताकतों से संबंधों के आरोपों पर आमने-सामने चर्चा की मांग; अमेरिका के साथ समझौते, अडानी और एपस्टीन प्रकरण सहित कई मुद्दे उठाने की बात कही
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर खुली बहस की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विपक्ष को देशद्रोही बताते हैं, इसलिए उन्हें सामने आकर इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि वह किसी भी मंच पर प्रधानमंत्री के साथ आमने-सामने बहस करने के लिए तैयार हैं। बहस का स्थान, मंच और निर्णायक प्रधानमंत्री स्वयं तय कर सकते हैं।
मोहन भागवत को भी निर्णायक बनाने का दिया विकल्प
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री चाहें तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत को भी बहस का निर्णायक बना सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री को चुनौती दिए हुए 24 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया है।
उन्होंने कहा, “मोदी जी, आप कहते हैं कि विपक्ष देशद्रोही है। आइए, किसी भी मंच पर मेरे साथ बहस कीजिए। देश को पता चलना चाहिए कि देशद्रोही कौन है और विदेशी ताकतों से किसका संबंध है तथा यह संबंध किस तरह का है।”
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से जल्द बहस के लिए सामने आने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों नेता आमने-सामने बैठेंगे, जहां मीडिया और देश के युवा भी मौजूद रहेंगे। इस चर्चा को पूरे देश के सामने कराया जा सकता है।
अमेरिका के साथ समझौते और विदेश नीति पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि प्रस्तावित बहस में देश की आर्थिक व्यवस्था, वित्तीय ढांचे और विदेश नीति से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल उठाए जाएंगे। उन्होंने अमेरिका के साथ हुई डील की प्रक्रिया, उसके पीछे के कारणों और उसे जल्दबाजी में अंतिम रूप दिए जाने पर सवाल खड़े किए।
उन्होंने यह भी पूछा कि इस समझौते के बारे में मंत्रिमंडल को जानकारी क्यों नहीं दी गई। इसके अलावा उन्होंने उद्योगपति गौतम अडानी से जुड़े मामले और एपस्टीन प्रकरण का भी उल्लेख किया।
तथ्यों के आधार पर चर्चा कराने की कही बात
राहुल गांधी के मुताबिक, इन सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए, ताकि देश की जनता के सामने वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। उन्होंने कहा कि बहस का उद्देश्य केवल आरोप-प्रत्यारोप करना नहीं, बल्कि तथ्यों के आधार पर सवालों के जवाब सामने लाना होना चाहिए।
एक दिन पहले भी लगाए थे गंभीर आरोप
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि वह विदेशी मदद के सहारे प्रधानमंत्री बने और आज भी विदेशी मदद के सहारे सत्ता में बने हुए हैं।
राहुल गांधी ने दावा किया था कि देश की आर्थिक व्यवस्था विदेशियों के नियंत्रण में है और प्रधानमंत्री को विदेशी ताकतों का समर्थन हासिल है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि विदेशी सोशल मीडिया का बड़ा हिस्सा प्रधानमंत्री के समर्थन में खड़ा है।











