रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, सरल और व्यवस्थित बनाने के साथ पेपरलेस करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसके तहत राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NEVA) के प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारी तेज कर दी गई है। इसी उद्देश्य से विधानसभा के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए 3 और 4 नवंबर को आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ।
डिजिटल कार्यप्रणाली से रूबरू हुए अधिकारी-कर्मचारी
विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों को नेवा प्लेटफॉर्म की तकनीकी एवं व्यावहारिक सुविधाओं की जानकारी देना था। इसके माध्यम से विधानसभा की विभिन्न विधायी प्रक्रियाओं में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
एडमिन, प्रश्न और समिति मॉड्यूल की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय के नेवा समन्वयक अमन गौतम और श्रीधर स्वामी ने प्रतिभागियों को एप्लीकेशन के अलग-अलग मॉड्यूल की विस्तृत जानकारी दी। इसमें एडमिन मॉड्यूल, प्रश्न मॉड्यूल और समिति मॉड्यूल के संचालन एवं उपयोग पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
ऑनलाइन होगा विधायी दस्तावेजों का प्रबंधन
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को डिजिटल माध्यम से प्रश्न एवं सूचनाएं प्रस्तुत करने, विधायी दस्तावेजों का ऑनलाइन प्रबंधन करने और सदन की कार्यवाही से जुड़ी जानकारियों के आदान-प्रदान की प्रक्रिया समझाई गई। इसके साथ ही नेवा प्लेटफॉर्म की विभिन्न तकनीकी सुविधाओं का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया, ताकि विधानसभा के कामकाज में डिजिटल व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
चिप्स और एनआईसी के अधिकारियों ने भी लिया हिस्सा
इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अलावा छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
क्या है राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NEVA)?
राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय की महत्वपूर्ण डिजिटल पहल है। इसका उद्देश्य देश की विधानसभाओं को आधुनिक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी से जोड़कर विधायी कामकाज को डिजिटल और पेपरलेस बनाना है। इसके माध्यम से सदन की कार्यवाही, प्रश्नोत्तर, विधायी दस्तावेजों और समितियों से संबंधित कार्यों को ऑनलाइन संचालित करने की व्यवस्था विकसित की जा रही है। इससे विधानसभा के कामकाज में पारदर्शिता, सुगमता और कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।











