
दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों तक सेवा देने वाले अनुभवी चिकित्सकों को मिली बड़ी जिम्मेदारी, ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगी नई दिशा
रायपुर।
छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत और जनकेंद्रित बनाने की दिशा में एक बड़ा फैसला लेते हुए Rural Medical Assistant (RMA) संवर्ग के अनुभवी चिकित्सकों को स्वास्थ्य संचालनालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। करीब 26 वर्षों से गांवों, आदिवासी अंचलों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे RMA चिकित्सकों के अनुभव का लाभ अब स्वास्थ्य नीतियों और योजनाओं के संचालन में लिया जाएगा।
वर्ष 2000-01 से PMHM (त्रिवर्षीय चिकित्सा पाठ्यक्रम) उत्तीर्ण एवं पंजीकृत RMA चिकित्सकों की नियुक्ति राज्य के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में की गई थी। जिन इलाकों में वर्षों तक नियमित डॉक्टरों की कमी रही, वहां RMA चिकित्सकों ने सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार स्वास्थ्य सेवाएं देकर लाखों लोगों का भरोसा जीता।
इसी क्रम में अनुभवी RMA चिकित्सक डा. राज सिंह मंडावी, डा. अरविंद भारती और डा. मनीष कुमार साहू को स्वास्थ्य संचालनालय में पदस्थ किया गया है। माना जा रहा है कि इन चिकित्सकों के वर्षों के जमीनी अनुभव से स्वास्थ्य योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी होगा और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का बेहतर समाधान निकल सकेगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि संचालनालय में फील्ड अनुभव रखने वाले अधिकारियों की भागीदारी से नीति निर्माण अधिक व्यावहारिक होगा, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार आएगा।
RMA संघ ने राज्य सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे अनुभव और समर्पण का सम्मान बताया है। संघ का कहना है कि यह फैसला ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देगा और भविष्य में जनहितकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त करेगा।
छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम इस बात का संकेत है कि अब स्वास्थ्य व्यवस्था में जमीनी अनुभव रखने वाले चिकित्सकों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल राज्य की ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने के साथ-साथ जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित हो सकती है।








