31 दिसंबर तक ग्राम पंचायतों और नगरीय निकाय स्तर पर होंगी गतिविधियां, सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक लगेंगे शिविर
रायगढ़, 16 अक्टूबर 2026। जिले में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और केंद्र सरकार की प्रमुख वित्तीय सुरक्षा योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए 21 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक संतृप्ति अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत ग्राम पंचायतों में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। यह अभियान कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश और जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे के मार्गदर्शन में संचालित किया जाएगा।
बीमा और पेंशन योजनाओं में होगा नामांकन
अभियान के दौरान प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना के तहत पात्र हितग्राहियों का नामांकन किया जाएगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत नए बैंक खाते खोलने, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के परिवारों के जन धन खाते खोलने तथा निष्क्रिय खातों को दोबारा सक्रिय करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

आधार सीडिंग और री-केवाईसी की सुविधा
शिविरों में बीमा योजनाओं से जुड़े खातों में आधार सीडिंग, बैंक खातों की री-केवाईसी और निष्क्रिय खातों को सक्रिय करने की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। जहां आवश्यक होगा, वहां सी-केवाईसी आईडी तैयार करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा बचत खातों और अन्य बैंकिंग सेवाओं में नामिनी संबंधी विवरण अद्यतन किए जाएंगे, ताकि खाताधारकों को बैंकिंग सुविधाओं का सुचारु लाभ मिल सके।
ग्राम पंचायत स्तर पर अभियान आयोजित करने पर जोर
जिला प्रशासन ने सभी ग्राम पंचायतों में अभियान का आयोजन सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। इसके तहत स्थानीय स्तर पर पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और नामांकन की प्रक्रिया पूरी कराने के साथ बैंकिंग से जुड़े लंबित कार्यों का निराकरण किया जाएगा। संबंधित स्तरों पर समन्वय के जरिए पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने की पहल
इस अभियान का उद्देश्य जिले में वित्तीय समावेशन को मजबूत करना, जरूरतमंद परिवारों तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पहुंचाना और बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच बढ़ाना है। शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को बीमा, पेंशन और बैंकिंग सेवाओं से जोड़कर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।











