स्टेनली रोड से मलाक हरहर तक 9.8 किलोमीटर लंबे पुल पर भारी वाहनों से हो रही जांच, 15 दिसंबर से दूसरी लेन शुरू करने की तैयारी
प्रयागराज। गंगा नदी पर स्टेनली रोड से मलाक हरहर तक निर्माणाधीन सिक्सलेन पुल की लोड टेस्टिंग शुरू हो गई है। पुल के बेली नाले के ऊपर और मलाका के पास बने हिस्सों पर भारी वाहन खड़े कर भार सहने की क्षमता और दबाव का आकलन किया जा रहा है। शुरुआती तीन दिनों की जांच के नतीजे सकारात्मक बताए जा रहे हैं। ऐसे में 15 नवंबर से पुल की एक लेन पर यातायात शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
एक साथ खड़े किए जा रहे 25 से 30 भारी वाहन
लोड टेस्टिंग के दौरान पुल के तैयार हिस्सों पर एक साथ 25 से 30 भारी वाहनों को खड़ा किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में यह मापा जा रहा है कि निर्धारित भार पड़ने पर पुल कितना नीचे दबता है और उसकी संरचना किस तरह प्रतिक्रिया करती है।
पुल की भार वहन क्षमता की जांच के लिए यह परीक्षण 10 से 15 दिनों तक चलने की संभावना है। परीक्षण पूरा होने और आवश्यक सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बाद ही पुल की लेन पर यातायात शुरू किया जाएगा।
15 नवंबर से पहली लेन शुरू होने की उम्मीद
करीब 9.8 किलोमीटर लंबे इस सिक्सलेन पुल पर कई स्थानों पर क्रॉस बैरियर लगाने का काम भी चल रहा है। निर्माण एजेंसी के अनुसार, क्रॉस बैरियर लगाने और लोड टेस्टिंग की प्रक्रिया 10 नवंबर तक पूरी होने की उम्मीद है। इसके बाद 15 नवंबर से लखनऊ की ओर जाने वाली लेन पर आवागमन शुरू किए जाने की संभावना है।
योजना के मुताबिक, पहली लेन शुरू होने के करीब एक महीने बाद यानी 15 दिसंबर से दूसरी लेन पर भी यातायात शुरू किया जा सकता है। हालांकि, यह समयसीमा परीक्षण के परिणामों और आवश्यक स्वीकृतियों पर निर्भर करेगी।
1,947 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्माण
इस पुल का निर्माण 1,947 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया जा रहा है। इसके शुरू होने से प्रयागराज से लखनऊ, अयोध्या और प्रतापगढ़ की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। पुल के चालू होने से संबंधित मार्गों पर आवागमन अधिक सुगम हो सकेगा।
पुल का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। मार्ग प्रकाश व्यवस्था की टेस्टिंग भी 8 सितंबर को पूरी कर ली गई थी। अब लोड टेस्टिंग के जरिए पुल की संरचनात्मक क्षमता की जांच की जा रही है, ताकि यातायात शुरू करने से पहले उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सुरक्षा जांच के बाद शुरू होगा आवागमन
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के प्रोजेक्ट मैनेजर नुसरतुल्लाह के अनुसार, मार्ग प्रकाश व्यवस्था की जांच पहले ही पूरी हो चुकी है। वर्तमान में चल रही लोड टेस्टिंग भी 10 नवंबर तक पूरी होने की उम्मीद है। ये सभी परीक्षण पुल को यातायात के लिए सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।











