एअर इंडिया ने दिल्ली और मुंबई से न्यूयॉर्क के लिए अपनी चार प्रमुख उड़ानों को फिर से नॉन-स्टॉप कर दिया है। बुधवार से लागू इस बदलाव के बाद यात्रियों को रोम में रुकने की जरूरत नहीं होगी। इससे यात्रा का समय करीब चार घंटे घटकर 15 से 16 घंटे रह जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एअर इंडिया ने बड़ी राहत दी है। एयरलाइन ने दिल्ली और मुंबई से न्यूयॉर्क के लिए संचालित होने वाली अपनी उड़ानों को दोबारा नॉन-स्टॉप कर दिया है। अब यात्रियों को बीच रास्ते में रोम में रुकना नहीं पड़ेगा। इस बदलाव से अमेरिका जाने वाले यात्रियों का करीब चार घंटे का समय बचेगा।
दिल्ली-मुंबई से न्यूयॉर्क की चार उड़ानें हुईं नॉन-स्टॉप
एअर इंडिया ने दिल्ली और मुंबई से न्यूयॉर्क के लिए संचालित चार रूट पर नॉन-स्टॉप सेवा बहाल की है। इनमें शामिल हैं:
- दिल्ली से नेवार्क (EWR)
- दिल्ली से न्यूयॉर्क जेएफके (JFK)
- मुंबई से नेवार्क (EWR)
- मुंबई से न्यूयॉर्क जेएफके (JFK)
अब इन उड़ानों में रोम (फ्यूमिसीनो) का ठहराव हटा दिया गया है। पहले यात्रियों को रोम में रुकना पड़ता था, जिससे कुल यात्रा समय करीब 20 घंटे तक पहुंच जाता था। अब यह सफर लगभग 15 से 16 घंटे में पूरा होगा।
पश्चिम एशिया के हवाई क्षेत्र में बदलाव से मिली राहत
दरअसल, पाकिस्तान का एयरस्पेस अप्रैल से बंद होने और 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद पश्चिम की ओर जाने वाली उड़ानों के संचालन में मुश्किलें बढ़ गई थीं। ईरान, इराक और आसपास के हवाई क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी प्रतिबंधों के चलते एअर इंडिया को अपने विमानों के लिए वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़े थे।
इस वजह से न्यूयॉर्क जाने वाली उड़ानों में रोम में फ्यूलिंग स्टॉप की व्यवस्था करनी पड़ रही थी। अब इराक के हवाई क्षेत्र के उपयोग की स्थिति में सुधार और जोखिम रेटिंग कम होने के बाद एयरलाइन को अपेक्षाकृत छोटा मार्ग मिल गया है।
नवंबर-दिसंबर में नॉन-स्टॉप उड़ानें जारी रहने की उम्मीद
पायलटों के मुताबिक, पाकिस्तान का एयरस्पेस बंद रहने के कारण विमानों पर अभी भी लोड पेनल्टी का दबाव है। इसका मतलब है कि अधिक ईंधन ले जाने के लिए यात्रियों और कार्गो के वजन पर सीमाएं लगानी पड़ सकती हैं।
फिलहाल नवंबर और दिसंबर में नॉन-स्टॉप उड़ानें जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि जनवरी से हवाओं की गति बढ़ने के कारण विमानों की ईंधन खपत बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में यदि विमान का वजन अधिक हुआ तो कुछ समय के लिए दोबारा फ्यूलिंग स्टॉप की जरूरत पड़ सकती है।
ईरान का एयरस्पेस खुलने से बढ़ सकती हैं उड़ानें
एअर इंडिया को उम्मीद है कि आने वाले समय में ईरान का हवाई क्षेत्र भी दोबारा खुल सकता है। इससे पश्चिम की ओर जाने वाली उड़ानों के लिए और छोटे तथा सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध हो सकेंगे।
अमेरिका-ईरान संघर्ष समाप्त होने की स्थिति में एयरलाइन उत्तरी अमेरिका समेत पश्चिमी देशों के लिए अपनी उड़ानों की क्षमता बढ़ाने की योजना बना रही है। इससे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को भविष्य में अधिक नॉन-स्टॉप उड़ानों का विकल्प मिल सकता है।











