लैलूंगा में आयोजित हुआ आर्ट आफ लिविंग का हैप्पीनेस कोर्स

चंद्र शेखर जायसवाल सहयोगी ममता साहू
लैलूंगा/आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर जी द्वारा डिजाइन किया गया हैप्पीनेस कोर्स का आयोजन लैलूंगा में विगत 5 दिन से चल रहा है। कुल 6 दिन तक चलने वाले कोर्स का समापन रविवार को होगा। समापन के अवसर पर योग सुदर्शन क्रिया के साथ सत्संग का कार्यक्रम भी रखा गया है । नगर के पुरुष एवं महिला दोनों वर्ग के लिए अलग-अलग समय पर इस कोर्स का आयोजन स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर लैलूंगा मैं किया गया। जिसमें पुरुष वर्ग के लगभग 25 एवं महिला वर्ग से 15 लोगों ने जीवन जीने की कला सीखी। प्रारंभिक दिवसों में हैप्पीनेस कोर्स के अंतर्गत योग, आसन, सत्संग, हैप्पीनेस प्रोग्राम, प्राणायाम , सूर्य नमस्कार आदि कराया गया। एवं विगत 2 दिवस से आर्ट ऑफ लिविंग से विख्यात श्री श्री रविशंकर जी को प्राकृतिक प्रदत सुदर्शन क्रिया सिखाई गयी। रविवार को समापन समारोह के अवसर पर दोनों ही वर्ग का सत्संग का आयोजन किया गया है। आर्ट ऑफ लिविंग के हैप्पीनेस कोर्स में भाग लेने वाले सभी प्रशिक्षु ने कार्यक्रम को लेकर आनंद का अनुभव करते हुए जीवन जीने की कला के तरीके सीखकर बदलाव महसूस कर रहे है। आर्ट ऑफ लिविंग के टीचर गुलाब देशमुख एवं राजेंद्र देवांगन ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन करते हुए हैप्पीनेस कोर्स की बारीकियों को समझा कर भाग लेने वाले सभी के जीवन में आनंद एवं सुखद अनुभूति का संचार कराया। नगर से वॉलिंटियर सुश्री पुष्पांजलि सतपथी ने आयोजन की रूपरेखा तैयार की और आर्ट ऑफ लिविंग कोर्स से नगरवासियों को लाभान्वित किया।
कोर्स में मनोज अग्रवाल,राजेश सिंघानिया, मनोज जयसवाल, उमेश अग्रवाल, कपिल सिंघानिया, संजय जिंदल, मनीष जिंदल,प्रिंस मित्तल,पंकज मित्तल, अंकित मित्तल, हर्षित सिंघानिया, आशीष सिंघानिया, राजकुमार बेहरा, सतीश दादरीवाल,विशाल दादरीवाल,श्रीधर यादव,लीलाधर नायक,चंद्रदीप आशोधिया,विनायक मित्तल, रेखा गर्ग,सीमा अग्रवाल,रानी जिंदल,पायल जिंदल,तितिक्षा भागवत,डोली मित्तल, गरिमा सिंघानिया,सुमन बेहरा,प्रभासनी पंडा,अनु धीवर, हिमांषु बेहरा ने जीवन जीने की कला सीखी।










