सरगुजा में पत्रकारों पर दबाव और चरित्र-हनन के आरोप राजधानी पहुंचे, मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय जांच की मांग

spot_img

प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन, पत्रकारों और सोशल मीडिया एक्टिविस्टों से जुड़े मामलों की निष्पक्ष समीक्षा की मांग

वायरल वीडियो, शिकायतों और FIR की जांच मूल डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कराने पर जोर

रायपुर। सरगुजा संभाग और अंबिकापुर क्षेत्र में पत्रकारों तथा सोशल मीडिया एक्टिविस्टों पर कथित दबाव, धमकी, चरित्र-हनन और शिकायतों के जरिए प्रताड़ना के आरोप अब राजधानी रायपुर तक पहुंच गए हैं। प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन की छत्तीसगढ़ इकाई ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

एसोसिएशन का कहना है कि क्षेत्र में जनहित से जुड़े भूमि, रेत, खनन और कथित अनियमितताओं के मुद्दे उठाने वाले पत्रकारों एवं सोशल मीडिया से जुड़े लोगों को अलग-अलग तरीकों से दबाव में लेने के आरोप सामने आ रहे हैं। संगठन ने इन मामलों में वास्तविक तथ्यों की जांच के साथ डिजिटल साक्ष्यों की भी स्वतंत्र जांच कराने की मांग रखी है।

एडिटेड वीडियो और सोशल मीडिया के जरिए बदनाम करने का आरोप

एसोसिएशन के ज्ञापन के अनुसार, कुछ मामलों में पत्रकारों या सोशल मीडिया एक्टिविस्टों के बयानों और वीडियो की कथित तौर पर आधी-अधूरी या एडिटेड क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने का आरोप है। संगठन का दावा है कि इसके साथ व्यक्तिगत चरित्र-हनन और शिकायतों के माध्यम से दबाव बनाने की कोशिशें भी की जा रही हैं।

एसोसिएशन ने मांग की है कि किसी वायरल वीडियो या सोशल मीडिया पोस्ट को कार्रवाई का आधार बनाने से पहले उसका पूरा मूल वीडियो, पोस्टिंग की समय-सीमा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जाए।

छह मामलों का ज्ञापन में किया गया उल्लेख

एसोसिएशन ने अपने ज्ञापन में अलग-अलग पत्रकारों और सोशल मीडिया से जुड़े लोगों के मामलों का उल्लेख किया है। इनमें मनोज पांडे, संपादक बुलंद छत्तीसगढ़, से संबंधित जनसंपर्क कार्यालय में तोड़फोड़ के आरोप वाली FIR की निष्पक्ष जांच की मांग शामिल है।

इसी तरह जितेंद्र जायसवाल, संपादक भारत सम्मान, से जुड़े वर्ष 2022 से दर्ज प्रकरणों और कार्यवाहियों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की गई है। जायसवाल से जुड़े पुराने मामलों में पुलिस द्वारा दर्ज प्रकरणों की रिपोर्टें भी सार्वजनिक रूप से सामने आ चुकी हैं, इसलिए एसोसिएशन ने पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र समीक्षा पर जोर दिया है।

ज्ञापन में आकांक्षा टोप्पो से जुड़े मामलों और कथित धमकियों की जांच, अमित पांडे के खिलाफ दर्ज विभिन्न धाराओं एवं SC/ST Act से संबंधित मामले की निष्पक्ष पड़ताल तथा अकील अहमद अंसारी से जुड़े कथित चरित्र-हनन के मामले की जांच की मांग भी रखी गई है।

सर्व आदिवासी समाज की शिकायत का भी उल्लेख

ज्ञापन में सर्व आदिवासी समाज महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष सुनीता सोनहा द्वारा 21 सितंबर 2026 को IG सरगुजा रेंज को दी गई शिकायत का भी उल्लेख किया गया है। एसोसिएशन ने संबंधित शिकायत पर अब तक हुई कार्रवाई की रिपोर्ट मंगाने की मांग की है। इस शिकायत के संबंध में सार्वजनिक रिपोर्ट भी सामने आई है।

स्वतंत्र एजेंसी या वरिष्ठ अधिकारियों से जांच की मांग

प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सभी मामलों की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी अथवा वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कराई जाए। संगठन के मुताबिक जांच समयबद्ध होनी चाहिए, ताकि शिकायतों, FIR और सोशल मीडिया पर चल रहे आरोप-प्रत्यारोप के बीच वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जा सके।

एसोसिएशन ने यह भी कहा है कि जांच पूरी होने तक संबंधित डिजिटल साक्ष्यों और सोशल मीडिया सामग्री को सुरक्षित रखा जाना चाहिए, ताकि बाद में किसी तरह के साक्ष्य नष्ट होने की स्थिति न बने।

पत्रकारों के परिवार और निजी जीवन की सुरक्षा की मांग

ज्ञापन में पत्रकारों के परिवार, निजी जीवन और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को निशाना बनाए जाने की शिकायतों पर भी त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि पत्रकारों के खिलाफ यदि कोई वास्तविक आपराधिक शिकायत या अपराध के साक्ष्य हैं तो कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी पत्रकार की रिपोर्टिंग से असहमति को व्यक्तिगत हमले या दबाव का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।

‘पत्रकार कानून से ऊपर नहीं, लेकिन कार्रवाई निष्पक्ष होनी चाहिए’

प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार मिश्रा ने कहा कि पत्रकार कानून से ऊपर नहीं हैं। यदि किसी पत्रकार के विरुद्ध अपराध के ठोस साक्ष्य हैं तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि पत्रकारिता को दबाने के लिए चरित्र-हनन, फर्जी शिकायतों या कथित अभियान का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।

एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए राज्य स्तर पर ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

चंद्रशेखर जायसवाल
चंद्रशेखर जायसवाल
OWNER/EDITOR - CHANDRASHEKHAR JAISAWAL Mo.-9340765733
spot_img
spot_img

Recent Posts

Dharamjaigarh Police Action: ढाबा संचालक से मारपीट की शिकायत पर प्रधान आरक्षक निलंबित, आरक्षक लाइन अटैच

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने शिकायत पर तत्काल लिया संज्ञान, एसडीओपी धरमजयगढ़ को प्राथमिक जांच के निर्देश रायगढ़, 25 सितंबर। थाना धरमजयगढ़ क्षेत्र के बिहारी...

CHHATTISGARH NEWS

Dharamjaigarh Police Action: ढाबा संचालक से मारपीट की शिकायत पर प्रधान आरक्षक निलंबित, आरक्षक लाइन अटैच

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने शिकायत पर तत्काल लिया संज्ञान, एसडीओपी धरमजयगढ़ को प्राथमिक जांच के निर्देश रायगढ़, 25 सितंबर। थाना धरमजयगढ़ क्षेत्र के बिहारी...

RAIGARH NEWS

Dharamjaigarh Police Action: ढाबा संचालक से मारपीट की शिकायत पर प्रधान आरक्षक निलंबित, आरक्षक लाइन अटैच

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने शिकायत पर तत्काल लिया संज्ञान, एसडीओपी धरमजयगढ़ को प्राथमिक जांच के निर्देश रायगढ़, 25 सितंबर। थाना धरमजयगढ़ क्षेत्र के बिहारी...