जशपुर पुलिस ने मूटू-जकबा जंगल से 8 गौवंशों को तस्करों के कब्जे से कराया था मुक्त, विवेचना में सामने आई तीनों आरोपियों की भूमिका
जशपुर। जिले में गौवंश तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस का ऑपरेशन शंखनाद लगातार जारी है। इसी अभियान के तहत मनोरा चौकी पुलिस ने गौ तस्करी के एक पुराने मामले में फरार चल रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। खास बात यह है कि तीनों आरोपी कुछ दिन पहले ही गौ तस्करी के एक अन्य मामले में गिरफ्तार होकर जेल गए थे। जमानत पर रिहा होने के बाद पुलिस ने उन्हें एक बार फिर गिरफ्तार कर लिया।
जंगल के रास्ते 8 गौवंशों की हो रही थी तस्करी
मामला 3 सितंबर 2026 का है। उस दिन मनोरा चौकी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मूटू-जकबा जंगल के रास्ते कुछ लोग गौवंशों को पैदल हांककर तस्करी के लिए ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और तस्करी के लिए ले जाए जा रहे 8 गौवंशों को सुरक्षित मुक्त कराया।
इस दौरान पुलिस को देखकर आरोपी जंगल और रास्ते का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने मामले में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 और पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(क), 11(1)(घ) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की थी।
विवेचना में सामने आई तीन आरोपियों की संलिप्तता
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने जुटाए गए साक्ष्यों और प्राप्त जानकारियों के आधार पर तीन संदिग्धों की पहचान की। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने तीनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
दूसरे गौ तस्करी मामले में भी जा चुके हैं जेल
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार तीनों आरोपी आदतन अपराधी हैं। इससे पहले 3 नवंबर 2026 को सिटी कोतवाली जशपुर क्षेत्र में दर्ज गौ तस्करी के एक अन्य मामले में भी तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। हालांकि, न्यायालय से जमानत मिलने के बाद वे जेल से बाहर आ गए थे। इसी बीच मनोरा चौकी में दर्ज मूटू-जकबा जंगल के गौ तस्करी प्रकरण में उनकी संलिप्तता सामने आने पर पुलिस ने दोबारा कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
- यूसुफ अंसारी (43 वर्ष), निवासी ग्राम ड़ड़गांव, चौकी मनोरा, जिला जशपुर।
- एजाज अंसारी (32 वर्ष), निवासी ग्राम ड़ड़गांव, चौकी मनोरा, जिला जशपुर।
- मो. हलीम कुरैशी (32 वर्ष), निवासी ग्राम गोविन्दपुर, थाना जारी, जिला गुमला (झारखंड)।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी में चौकी प्रभारी मनोरा प्रशिक्षु उपनिरीक्षक लक्ष्मी मरकाम, सहायक उपनिरीक्षक समुदान टोप्पो एवं प्रधान आरक्षक निर्मल बड़ा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।











