छत्तीसगढ़ सदन में दोनों महापुरुषों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि, सत्य, अहिंसा, सुशासन और राष्ट्रसेवा के आदर्शों को किया याद
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गांधी जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। 2 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में मुख्यमंत्री ने दोनों महापुरुषों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके जीवन एवं विचारों को स्मरण किया।
महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के विचारों को किया याद
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और मानवता के मार्ग पर चलते हुए देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को शांति और सद्भाव का संदेश दिया। उनके विचार समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण और आत्मनिर्भरता की भावना से जुड़े रहे।
उन्होंने कहा कि गांधीजी का जीवन प्रत्येक व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी सत्य के मार्ग पर कायम रहने तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है।
शास्त्री जी के सादगीपूर्ण जीवन और राष्ट्रसेवा का स्मरण
मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन को भी याद किया। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, दृढ़ नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने शास्त्री जी के प्रसिद्ध ‘जय जवान-जय किसान’ मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देश की सुरक्षा और कृषि व्यवस्था में सैनिकों एवं किसानों के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करता है।
जनकल्याण और सुशासन के लिए प्रेरणास्रोत
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन एवं आदर्श आज भी देश के लिए प्रासंगिक हैं। उनके विचारों से जनकल्याण, सुशासन, सेवा और राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्धता की प्रेरणा मिलती है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दोनों महापुरुषों के आदर्शों को आत्मसात करते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने का संदेश दिया।






