2 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले कई रास्तों पर बैरिकेडिंग, करीब 5 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती; आयोजकों ने एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए सवाल
नई दिल्ली, 2 अक्टूबर 2026। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दी है। प्रदर्शन के मद्देनजर नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है और प्रवेश-निकास बिंदुओं पर अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं।
जंतर-मंतर के आसपास कई स्तर की बैरिकेडिंग
पुलिस के अनुसार, प्रस्तावित प्रदर्शन में करीब 3,000 से 4,000 लोगों के पहुंचने की संभावना है। इसके मद्देनजर जिला एवं रिजर्व पुलिस बल के साथ रैपिड एक्शन फोर्स और अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों की तैनाती की गई है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, नई दिल्ली इलाके में कुल तैनाती करीब 5,000 सुरक्षाकर्मियों तक की गई है।
जंतर-मंतर की ओर जाने वाले टॉल्स्टॉय मार्ग, जनपथ रोड और संसद मार्ग समेत प्रमुख रास्तों पर बैरिकेड लगाए गए हैं। जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल के आसपास भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों के जरिए स्थिति पर नजर रख रही है।
AISA, मनोज झा और प्रशांत भूषण ने दिया प्रदर्शन का आह्वान
प्रस्तावित प्रदर्शन का आह्वान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), राज्यसभा सांसद मनोज झा और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण समेत सामाजिक एवं छात्र संगठनों से जुड़े लोगों ने किया है। आयोजकों ने 2 अक्टूबर को सुबह 11 बजे जंतर-मंतर पर जुटने की घोषणा की है।
आयोजकों की ओर से चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाए गए हैं। वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और उनके पद से हटाए जाने की मांग कर रहे हैं। ये आरोप और मांगें प्रदर्शन के आयोजकों की ओर से रखी गई हैं।
AAP नेताओं ने भी लोगों से पहुंचने की अपील की
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है। पार्टी के अन्य नेताओं ने भी SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के मुद्दे को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित सभा के लिए अनुमति नहीं दी गई है। वहीं, आयोजकों की ओर से प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान जारी है। ऐसे में नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा और आवाजाही पर पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई है।
मुंबई में भी विरोध प्रदर्शन का ऐलान
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दे को लेकर मुंबई में भी विरोध कार्यक्रम का आह्वान किया गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 2 अक्टूबर को मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की घोषणा की थी। अनुमति नहीं मिलने के बाद संगठन की ओर से ‘जेल भरो आंदोलन’ का आह्वान किए जाने की भी रिपोर्ट है।
सुरक्षा व्यवस्था पर पुलिस की नजर
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किया है। पुलिस वाहनों की तैनाती के साथ सीसीटीवी निगरानी भी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, भीड़ की स्थिति को देखते हुए आगे की यातायात व्यवस्था और मार्गों पर प्रतिबंध तय किए जा सकते हैं।






