सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों के संरक्षण, निःशुल्क विधिक सहायता और विभिन्न कानूनों की दी जानकारी
घरघोड़ा। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर 1 अक्टूबर 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, घरघोड़ा में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र कुमार जैन के मार्गदर्शन तथा घरघोड़ा के तालुका विधिक सेवा प्राधिकरण के पदाधिकारियों के निर्देशन में किया गया।
वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और संरक्षण पर दी जानकारी
कार्यक्रम में न्यायाधीश श्री दामोदर प्रसाद चंद्रा ने अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों, उनके संरक्षण और नालसा (वरिष्ठ नागरिकों को विधिक सेवाएं) योजना, 2016 के संबंध में उपस्थित लोगों को जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिक अपने अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सहायता के प्रति जागरूक रहें तथा आवश्यकता पड़ने पर विधिक सेवा संस्थाओं से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
बाल विवाह से लेकर साइबर अपराध तक विभिन्न कानूनों की जानकारी
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह की रोकथाम और उसके दुष्परिणाम, मोटर वाहन दुर्घटनाओं में पीड़ितों को मिलने वाली क्षतिपूर्ति, पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना, महिला एवं बाल संरक्षण, घरेलू हिंसा और साइबर अपराध जैसे महत्वपूर्ण कानूनी विषयों पर भी जानकारी दी गई।
इसके साथ ही उपस्थित लोगों को लोक अदालत और मध्यस्थता के माध्यम से विवादों के समाधान की प्रक्रिया के बारे में बताया गया।
निःशुल्क विधिक सहायता और हेल्पलाइन 15100 की जानकारी
कार्यक्रम में आमजन को निःशुल्क विधिक सहायता की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी दी गई। जरूरतमंद व्यक्ति कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क कर सकते हैं।
न्यायिक एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री प्रीति झा, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती मिनी ठाकुर, बीएमओ डॉ. एस.आर. पैंकरा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का स्टाफ, घरघोड़ा पुलिस के कर्मचारी तथा पैरालीगल वालंटियर लवकुमार चौहान, टीकम सिदार, बालकृष्ण चौहान और सुभाष चौधरी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों सहित आमजन को उनके कानूनी अधिकारों, संरक्षण, कल्याणकारी योजनाओं और निःशुल्क विधिक सेवाओं के प्रति जागरूक करना रहा।






