एनबीसीसी को बनाया गया परियोजना प्रबंधन सलाहकार, गंगा किनारे मरीन ड्राइव की तर्ज पर विकास और बैंकाक मॉडल पर हाकर जोन बनाने की भी योजना
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने नौ महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम शुरू करने की पहल की है। इसके लिए शहरी विकास एवं नगरपालिका मामलों के विभाग, विभिन्न शहरी निकायों और संबंधित संस्थाओं के बीच नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इन परियोजनाओं के लिए एनबीसीसी को परियोजना प्रबंधन सलाहकार (पीएमसी) नियुक्त किया गया है।
मंगलवार को शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने बताया कि राज्य सरकार लंदन, फ्रांस, बैंकाक और सिंगापुर की बेहतर शहरी व्यवस्थाओं से सीख लेकर बंगाल की जरूरतों के अनुरूप विकास करना चाहती है। परियोजनाओं का उद्देश्य ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए शहरों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार करना है।
कॉलेज स्ट्रीट और टेंगरा चाइना टाउन का होगा पुनर्विकास
प्रस्तावित नौ परियोजनाओं में कोलकाता के ऐतिहासिक कॉलेज स्ट्रीट और टेंगरा चाइना टाउन का पुनर्विकास प्रमुख है। कॉलेज स्ट्रीट को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने की योजना है, लेकिन इसके प्रसिद्ध पुस्तक बाजार की ऐतिहासिक पहचान बरकरार रखी जाएगी।
वहीं, टेंगरा के चाइना टाउन को उसकी चीनी विरासत और सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त वास्तुकारों और सलाहकारों की मदद लेने की योजना है।
इसके अलावा चंदननगर में नदी तट का विकास, बीएमसी क्षेत्र में सरकारी आवास परिसरों के पुनर्विकास की व्यवहार्यता का अध्ययन और विभिन्न शहरी इलाकों में सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण भी प्रस्तावित है।
बैंकाक मॉडल पर विकसित होंगे हाकर जोन
कोलकाता, हावड़ा और बीएमसी क्षेत्रों में बैंकाक मॉडल की तर्ज पर हाकर जोन विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके तहत फूड स्ट्रीट, फूड कोर्ट, अस्थायी बाजार और मोबाइल फूड वाहनों जैसी सुविधाओं पर विचार किया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य व्यवस्थित बाजार व्यवस्था विकसित करना है, ताकि शहरी क्षेत्रों में छोटे कारोबारियों और खाद्य विक्रेताओं के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध हो सके।
झुग्गी बस्तियों को स्थायी आवास देने की योजना
कोलकाता की झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास को भी परियोजनाओं में शामिल किया गया है। इसके माध्यम से वहां रहने वाले परिवारों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
वहीं, गंगा के दोनों किनारों के विकास की महत्वाकांक्षी योजना के तहत कोलकाता और हावड़ा के नदी तटीय इलाकों को मुंबई के मरीन ड्राइव की तर्ज पर विकसित करने की परिकल्पना की गई है। प्रस्ताव में चार लेन की सड़क, पैदल यात्रियों के लिए रास्ते, साइकिल ट्रैक, होटल और कार्यालय जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त नवद्वीप के नदी घाटों का विकास भी प्रस्तावित है।
योजना से लेकर निगरानी तक एनबीसीसी की भूमिका
मंत्री अग्निमित्रा पाल ने बताया कि इन परियोजनाओं की योजना तैयार करने, क्रियान्वयन और निगरानी तक एनबीसीसी की भूमिका रहेगी। सरकार ने गंगा तट विकास की व्यापक योजना के तहत डायमंड हार्बर की ओर से एस्प्लेनेड तक मेट्रो संपर्क विकसित करने की संभावना भी प्रधानमंत्री कार्यालय के समक्ष रखी है।











