spot_img
Friday, April 3, 2026
Friday, April 3, 2026
WhatsApp Image 2025-09-27 at 19.02.00_2560a816
WhatsApp Image 2025-09-27 at 19.02.00_8a3c1831

Electricity Theft Case: सर्विस वायर से छेड़छाड़ कर बिजली चोरी, हाई कोर्ट ने सजा को सही ठहराया

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बिजली चोरी के एक मामले में दोषसिद्धि और सजा को बरकरार रखते हुए आरोपी की आपराधिक अपील खारिज कर दी है. न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की एकलपीठ ने यह फैसला सुनाया है. प्रकरण के अनुसार 28 जनवरी 2015 को छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड की सतर्कता टीम ने कवर्धा शहर में एक परिसर का निरीक्षण किया. जांच के दौरान पाया गया कि आरोपी विक्की गुप्ता द्वारा लिए गए बिजली कनेक्शन में मीटर बोर्ड के पीछे सर्विस वायर से छेड़छाड़ कर अतिरिक्त तार और एमसीबी लगाकर मीटर को बायपास किया गया था. इस व्यवस्था के कारण बिजली की खपत तो हो रही थी, लेकिन मीटर में वास्तविक खपत दर्ज नहीं हो रही थी. जांच में कुल 2840 वॉट का घरेलू लोड पाया गया. मौके से तार, एमसीबी और अन्य सामग्री जब्त कर पंचनामा तैयार किया गया.

एक लाख से अधिक का जुर्माना आकलित

बिजली विभाग ने गणना पत्रक के आधार पर आरोपी पर 1,18,925 का अस्थायी आकलन (प्रोविजनल असेसमेंट) लगाया और सात दिन में राशि जमा करने या आपत्ति दर्ज करने का अवसर दिया. हालांकि आरोपी ने न तो आपत्ति दी और न ही निर्धारित समय में राशि जमा की, जिसके बाद विशेष न्यायालय में परिवाद दायर किया गया.कबीरधाम जिले के विशेष न्यायाधीश (विद्युत अधिनियम) ने 22 नवंबर 2018 को आरोपी को इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, 2003 की धारा 135(1)(ए) के तहत दोषी ठहराया. अदालत ने आरोपी को न्यायालय उठने तक की सजा और 1000 के अर्थदंड से दंडित किया था. जुर्माना न देने पर एक माह के साधारण कारावास का प्रावधान रखा गया था. अपीलकर्ता की ओर से दलील दी गई कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में असफल रहा है. गवाहों के बयान में विरोधाभास हैं, और स्वतंत्र गवाह प्रस्तुत नहीं किए गए. यह भी कहा गया कि आरोपी ने आकलित राशि जमा कर दी थी, जिससे आपराधिक मंशा सिद्ध नहीं होती.

हाई कोर्ट ने सुनाया फैसला

हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद कहा कि सतर्कता टीम द्वारा की गई जांच, जब्ती और दस्तावेजी साक्ष्य विश्वसनीय हैं. अधिकारियों के बयान जिरह में कमजोर नहीं पड़े और साक्ष्य स्पष्ट रूप से मीटर बायपास कर बिजली उपयोग को सिद्ध करते हैं. अदालत ने यह भी कहा कि ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई सजा अत्यंत हल्की और अनुपातिक है, इसलिए उसमें हस्तक्षेप का कोई औचित्य नहीं बनता. इसी के साथ कोर्ट ने आपराधिक अपील खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के दोषसिद्धि और सजा संबंधी आदेश को यथावत रखा.

01
09
WhatsApp Image 2025-09-29 at 18.52.16_7b78a71e
spot_img
spot_img

अपना न्यूज़ पोर्टल - 9340765733

spot_img
spot_img
spot_img

Recent Posts

महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के ई-केवाईसी हेतु प्रशिक्षण आयोजितलैलूँगा एवं तमनार में सीएससी संचालक और आंगनबाड़ी सुपरवाइजर को दिया गया प्रशिक्षण01 अप्रैल से...

रिपोर्ट ~ हीरालाल राठिया लैलूंगारायगढ़, 03 अप्रैल 2026/महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के द्वितीय चरण के ई-केवाईसी कार्य को सुचारू एवं प्रभावी ढंग से...
Latest
महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के ई-केवाईसी हेतु प्रशिक्षण आयोजित

लैलू...
घरघोड़ा की बेटी दिव्या पैंकरा बनीं एसआई,
प्रथम आगमन पर नगर में जोरदार स्वागत...
राजपुर मंडल के भाजयुमो ने सोशल मीडिया प्रभारी की नियुक्ति, युवा पत्रकार शशि सिदा... मनरेगा में बड़ा घोटाला! जेसीबी से कराई खुदाई, मजदूरों का छीना हक ‘मास्क के पीछे छिपे चेहरे’ बेनकाब 48 घंटे में डबल मर्डर केस का खुलासा खारुन नदी पर 4.81 करोड़ की पुलिया को मिली मंजूरी, गमेकेला –कुंजारा की दूरी अब हो... जन औषधि योजना गरीबों के लिए संजीवनी साबित हो रही पहल आरोग्य जशपुर अभियान: सुदूर वनांचल में स्वास्थ्य क्रांति, नवाचार और सुविधाओं से ब... महिला फुटबॉल में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन, झारखंड को हराकर जीता स्वर्ण पदक छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते में वृद्धि, नई दरें 1 अप्र...