


सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की कथित ठगी किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में कई पीड़ित युवाओं ने छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP) को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने तथा पीड़ितों की राशि वापस दिलाने की मांग की है।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जय कुमार पटेल एवं भूपेन्द्र कुमार ध्रुव, निवासी ग्राम छाता-मौहा, थाना सांकरा, जिला महासमुंद ने वन विभाग, श्रम विभाग, छात्रावास अधीक्षक सहित विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की वसूली कीशिकायतकर्ताओं का कहना है कि आरोपियों ने स्वयं को मंत्रालय और उच्च अधिकारियों से गहरे संपर्क में होना बताते हुए युवाओं का विश्वास जीता और सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया।पीड़ितों के अनुसार, आरोपियों ने नौकरी लगने का भरोसा मजबूत करने के लिए कथित चयन सूची दिखाई, वरिष्ठ अधिकारियों के नाम लिए और कई बार व्यक्तिगत मुलाकात कर जल्द नियुक्ति होने का आश्वासन दिया। इसके बाद अलग-अलग अभ्यर्थियों से बैंक खातों में रकम जमा कराई गई तथा कई लोगों से नकद राशि भी ली गई। शिकायत में दावा किया गया है कि कई युवाओं से लाखों रुपये अलग-अलग किस्तों में वसूले गए।फर्जी नियुक्ति पत्र और एग्रीमेंट देने का आरोप शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पूरी रकम लेने के बाद आरोपियों ने कथित रूप से फर्जी नियुक्ति पत्र, एग्रीमेंट और अन्य दस्तावेज देकर 15 दिनों के भीतर जॉइनिंग कराने का वादा किया। लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी किसी भी अभ्यर्थी को नौकरी नहीं मिली। जब पीड़ितों ने लगातार संपर्क किया तो उन्हें बार-बार अलग-अलग बहाने बनाकर टाल दिया गया।पीड़ितों का कहना है कि इस दौरान आरोपी अन्य बेरोजगार युवाओं से भी नौकरी के नाम पर पैसे लेते रहे। कई बार आश्वासन दिया गया कि प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द नियुक्ति हो जाएगी, लेकिन समय बीतने के बाद भी किसी को नौकरी नहीं मिली।बैंक लेनदेन और दस्तावेज होने का दावा शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपियों द्वारा विभिन्न बैंक खातों में रकम जमा कराई गई। पीड़ितों का दावा है कि उनके पास बैंक ट्रांजेक्शन की रसीदें,एग्रीमेंट और अन्य दस्तावेज मौजूद हैं, जिन्हें जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराया जा सकता है। उनका कहना है कि यही दस्तावेज पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकते हैं।निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग पीड़ितों ने पुलिस महानिदेशक से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाए तथा सभी प्रभावित अभ्यर्थियों की जमा राशि वापस दिलाई जाए। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो और भी बेरोजगार युवक इस तरह के गिरोह का शिकार हो सकते हैं।इन आवेदकों ने की शिकायत पुलिस महानिदेशक को शिकायत देने वालों में प्रमुख रूप से:विष्णु कुमार राजवाड़े,विनोद कुमार करपे,मिलन दास महंत,निरंजन नेताम,धीरेन्द्र मरावी,कांशी कोराम शामिल हैं।यह समाचार शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है।








