
“सेवा एक नई पहल ” की अनूठी पहल : 60 नौनिहालों को मिली बारिश से बचाव की छतरी
माताश्री के जन्मदिवस पर वैभव विशाल तंबोली ने वनांचल के बच्चों को दिया उपयोगी उपहार
सीपत (सतीश यादव):- सेवा और संवेदनशीलता की भावना जब समाज के प्रति समर्पण से जुड़ती है, तो वह जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाती है। इसी भावना को साकार करते हुए सीपत निवासी ‘सेवा एक नई पहल’ के नल एवं नील वैभव विशाल तंबोली और श्रीमती प्रिया तंबोली द्वारा अपनी माताश्री श्रीमती पुष्पा तंबोली जी के जन्मदिवस के सुअवसर पर वनांचल क्षेत्र स्थित शासकीय उन्नत प्राथमिक शाला धनुहारपारा कुकदा में अध्ययनरत 60 बच्चों को 60 नग छतरियों का वितरण किया गया।
बरसात के मौसम में ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों से विद्यालय आने वाले बच्चों को बारिश के कारण होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए यह पहल अत्यंत उपयोगी एवं सराहनीय है। छतरी पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। अब बच्चे बारिश के दौरान भी सुरक्षित एवं सहज रूप से विद्यालय आ सकेंगे तथा उनकी पढ़ाई भी बारिश की वजह से प्रभावित नहीं होगी।
इस अवसर पर विशेष सहयोगी ‘सेवा एक नई पहल’ की संयोजिका रेखा आहूजा, संयोजक सतराम जेठमलानी , नवीन पंजवानी, मनीष पाटनवार द्वारा बच्चों को बिस्कुट, चॉकलेट, वेपर आदि का वितरण भी किया गया। बच्चों ने उत्साह और प्रसन्नता के साथ इस स्नेहपूर्ण पहल का स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार एवं उपस्थित अतिथियों ने सेवा कार्य की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की आवश्यकता को समझकर उन्हें उपयोगी सामग्री उपलब्ध कराना समाज के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का परिचायक है। ऐसे प्रयास न केवल बच्चों की तत्काल आवश्यकता पूरी करते हैं, बल्कि उनके मन में सहयोग, सेवा और सामाजिक सरोकार की भावना को भी मजबूत करते हैं।य ह आयोजन इस संदेश को सार्थक करता है कि जब समाज के सक्षम हाथ जरूरतमंद बच्चों की ओर बढ़ते हैं, तो शिक्षा की राह और अधिक आसान तथा उज्ज्वल हो जाती है।
कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षक चरण दास महंत एवं शिक्षिका चंद्रिका मिरी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधान पाठक बसंत जायसवाल द्वारा अतिथियों, सेवाभावी संस्था के सदस्यों एवं उपस्थित सभी जनों के प्रति आभार प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर मिथिलेश श्रीवास, महेंद्र पाटनवार, युवराज सिंह नेटी, अतिथि शिक्षक प्रीतिका सूर्यवंशी, पंच सती बाई धनुहार, परदेशी राम धनुहार सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित रहे।








