धार्मिक आस्था के लिहाज से खास है कार्तिक मास, भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की उपासना का विशेष महत्व
आश्विन माह की समाप्ति के बाद कार्तिक माह की शुरुआत होगी। हिंदू धर्म में कार्तिक मास को धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व दिया गया है। इस महीने में करवा चौथ, दीपावली, गोवर्धन पूजा, गोपाष्टमी, आंवला नवमी, देवउठनी एकादशी और छठ पूजा समेत कई प्रमुख व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह महीना भगवान विष्णु और भगवान श्रीकृष्ण की आराधना के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।
27 अक्टूबर से कार्तिक माह का आरंभ
पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 26 अक्टूबर 2026 को सुबह 9 बजकर 41 मिनट पर शुरू होगी और 27 अक्टूबर को सुबह 7 बजकर 1 मिनट पर समाप्त होगी। उदयातिथि के आधार पर कार्तिक माह का आरंभ 27 अक्टूबर 2026 से माना जाएगा। इसी के साथ धार्मिक अनुष्ठानों और व्रत-त्योहारों से जुड़े कार्तिक मास की शुरुआत होगी।
भगवान विष्णु की उपासना का विशेष महीना
धार्मिक मान्यताओं में कार्तिक माह को भगवान विष्णु की आराधना के लिए विशेष माना गया है। मान्यता है कि इस महीने भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं और इसी अवसर पर देवउठनी एकादशी का पर्व मनाया जाता है। देवउठनी एकादशी को चातुर्मास की समाप्ति का प्रतीक भी माना जाता है। इसके बाद परंपरागत रूप से मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है।
कार्तिक मास में भगवान विष्णु के साथ भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना का भी विशेष महत्व है। श्रद्धालु इस दौरान दीपदान, पूजा-पाठ, व्रत और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। कई स्थानों पर नदियों और पवित्र सरोवरों में स्नान करने की परंपरा भी प्रचलित है।
व्रत-त्योहारों से गुलजार रहेगा महीना
कार्तिक माह में विभिन्न पर्वों के कारण धार्मिक गतिविधियों की विशेष रौनक देखने को मिलती है। करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। दीपावली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। इसके बाद गोवर्धन पूजा और भाई दूज जैसे पर्व मनाए जाते हैं।
इसी महीने गोपाष्टमी, आंवला नवमी और देवउठनी एकादशी जैसे धार्मिक पर्व भी आते हैं। वहीं, छठ पूजा पर सूर्यदेव और छठी मैया की आराधना की जाती है। विशेष रूप से उत्तर और मध्य भारत सहित देश के विभिन्न हिस्सों में इन पर्वों को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह रहता है।
आस्था, साधना और परंपरा का संगम
कार्तिक माह को पूजा-पाठ, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान मंदिरों में विशेष आयोजन होते हैं और श्रद्धालु अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार व्रत एवं अनुष्ठान करते हैं। दीपदान और भगवान विष्णु की आराधना को भी इस महीने की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में गिना जाता है।











