‘मोर सेवा पुस्तिका–मोर अधिकार–मोर जिम्मेदारी’ अभियान के द्वितीय चरण में महत्वपूर्ण अभिलेखों का सत्यापन, भविष्य की प्रशासनिक परेशानियों से बचाने की पहल
बम्हनीडीह। शिक्षकों की सेवा संबंधी अभिलेखों को व्यवस्थित, प्रमाणित एवं त्रुटिरहित रखने के उद्देश्य से विकासखंड शिक्षा अधिकारी बम्हनीडीह बसंत चतुर्वेदी द्वारा चलाए जा रहे ‘मोर सेवा पुस्तिका–मोर अधिकार–मोर जिम्मेदारी’ अभियान के द्वितीय चरण में 8 अगस्त 2026 को संकुल सेमरिया, संकुल कपिस्दा एवं संकुल पोडीशंकर के 31 शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाओं का सत्यापन किया गया।

इस दौरान बीईओ बसंत चतुर्वेदी ने शिक्षकों की उपस्थिति में उनकी सेवा पुस्तिकाओं का अवलोकन कर आवश्यक स्थानों पर प्रमाणित हस्ताक्षर किए। उन्होंने शिक्षकों से सीधे संवाद करते हुए कहा कि यदि किसी सेवा पुस्तिका में किसी स्थान पर हस्ताक्षर अथवा आवश्यक प्रविष्टि छूट गई हो तो शिक्षक स्वयं उसका परीक्षण कर जानकारी दें, ताकि संबंधित अभिलेख को उनके समक्ष ही पूर्ण किया जा सके।

पेंशन और ग्रेच्युटी से जुड़ी परेशानियों से बचाने की पहल
इस अभियान का उद्देश्य केवल सेवा पुस्तिका में हस्ताक्षर करना नहीं, बल्कि शिक्षकों के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण अभिलेखों को समय रहते व्यवस्थित एवं सुरक्षित करना है। सेवा पुस्तिका में परिवार सूची, नॉमिनी फॉर्म-डी, फैमिली पेंशन, समूह बीमा फॉर्म-8, जीपीएफ तथा ग्रेच्युटी नॉमिनेशन जैसे महत्वपूर्ण प्रपत्रों का सत्यापन कर आवश्यक हस्ताक्षर किए गए।
बीईओ की इस पहल से शिक्षकों को भविष्य में पेंशन, ग्रेच्युटी, बीमा अथवा अन्य सेवा संबंधी मामलों में दस्तावेजों की कमी या प्रशासनिक अड़चन का सामना न करना पड़े, इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शिक्षकों का आत्मीय स्वागत
कार्यक्रम में उपस्थित सभी शिक्षकों का बिस्किट खिलाकर आत्मीय स्वागत किया गया। सेवा पुस्तिका सत्यापन के दौरान शिक्षकों ने भी अपने अभिलेखों की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में अधिकारियों से संवाद किया।
द्वितीय चरण में कौशल्या खाण्डे, सरिता चौहान, सरोजनी बंजारे, एकादशिया मांझी, रेवती रमण दुबे, रामायण बाई बिंझवार, धनंजय कुर्रे, दुकालू राम बंजारे, खिलेश कटकवार, रामसाय देवांगन, मनीराम कुम्हार, पुष्पलता पलांगे, कौशल प्रसाद यादव, चन्द्रजीत पीटर, पूनम गुप्ता, नरेन्द्र कुमार साहू, पूर्णेन्द्र कुमार यादव, हरिशंकर देवांगन, भूपेन्द्र सिंह राज, शिवनारायण जायसवाल, दीपक लाल जांगड़े, ओमप्रकाश केसरवानी, भगत सिंह कंवर, पावित्री कंवर, राजू सतनामी, भुवन लाल कश्यप, सीताराम दुबे, भूषण लाल देवांगन, उदिता सिंह सिसोदिया, जगेन्द्र वस्त्रकार एवं सरोज कुमार बंजारे सहित 31 शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाएं पूर्ण एवं सत्यापित की गईं।
टीम का योगदान सराहनीय
सेवा पुस्तिका सत्यापन कार्य में बीआरसी हिरेंद्र बेहार, लिपिक द्वारिका प्रसाद राठौर, संकुल समन्वयक गोपाल जायसवाल, विश्वनाथ कश्यप, सुरेश देवांगन, भूषण देवांगन सहित बीईओ कार्यालय के कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
‘मोर सेवा पुस्तिका–मोर अधिकार–मोर जिम्मेदारी’ अभियान के माध्यम से शिक्षकों के सेवा अभिलेखों को व्यवस्थित करने की यह पहल विभागीय पारदर्शिता के साथ-साथ कर्मचारियों के भविष्य के अधिकारों को सुरक्षित करने की दिशा में एक सराहनीय कदम के रूप में सामने आई है।





